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देश की सबसे उम्रदराज बाघिन महक ने पूरे किए 22 साल, फुटेज में देंखे अभेड़ा पार्क में केक काटकर मनाया 23वां जन्मदिन

देश की सबसे उम्रदराज बाघिन महक ने पूरे किए 22 साल, फुटेज में देंखे अभेड़ा पार्क में केक काटकर मनाया 23वां जन्मदिन
 
देश की सबसे उम्रदराज बाघिन महक ने पूरे किए 22 साल, फुटेज में देंखे अभेड़ा पार्क में केक काटकर मनाया 23वां जन्मदिन

राजस्थान के कोटा स्थित अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में शुक्रवार को खास नजारा देखने को मिला। यहां देश की सबसे उम्रदराज बाघिन महक का 23वां जन्मदिन मनाया गया। महक ने अपने जीवन के 22 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर वन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने केक काटकर बाघिन का जन्मदिन मनाया। महक के जन्मदिन को लेकर वन विभाग के कर्मचारियों में खास उत्साह देखने को मिला। हालांकि इस बार रक्षाबंधन का पर्व होने के कारण बड़ा आयोजन नहीं किया गया। वन विभाग अब अगले महीने बच्चों के साथ महक का विशेष जन्मदिन समारोह आयोजित करने की तैयारी कर रहा है।

22 साल पूरे कर 23वें साल में पहुंची महक

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, महक ने शुक्रवार को अपने जीवन के 22 वर्ष पूरे किए और अब वह 23वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। सामान्य तौर पर चिड़ियाघरों में रहने वाले बाघ और बाघिन की उम्र इससे कम मानी जाती है। ऐसे में महक का इतने लंबे समय तक स्वस्थ रहना विशेष उपलब्धि माना जा रहा है।महक लंबे समय से अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही है। पार्क में आने वाले लोग उसकी उम्र और लंबे जीवन के बारे में जानकर खास तौर पर उसे देखने पहुंचते हैं।

रक्षाबंधन के कारण नहीं हुआ बड़ा आयोजन

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस बार महक का जन्मदिन रक्षाबंधन के दिन पड़ने के कारण बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सका। इसके बावजूद पार्क के कर्मचारियों ने बाघिन के लिए छोटा सा सेलिब्रेशन किया और केक काटकर उसका जन्मदिन मनाया।महक के बाड़े के आसपास मौजूद कर्मचारियों ने इस अवसर पर खुशी जाहिर की। बाघिन के स्वास्थ्य और खान-पान का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

अगले महीने बच्चों के साथ होगा बड़ा सेलिब्रेशन

वन विभाग अब महक के जन्मदिन का बड़ा कार्यक्रम अगले महीने आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इस आयोजन में छोटे बच्चों को भी शामिल किया जाएगा।अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के बीच महक का जन्मदिन मनाने का उद्देश्य उन्हें वन्यजीवों और बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बाघों के जीवन, उनके संरक्षण और जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी जा सकती है।

सामान्य जू की बाघिनों से अधिक उम्र

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सामान्य चिड़ियाघर या जू में रहने वाली बाघिनों की तुलना में महक की उम्र काफी अधिक है। लगातार 22 वर्ष पूरे करना उसके बेहतर स्वास्थ्य और देखभाल को दर्शाता है।वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार बाघों की उम्र उनके स्वास्थ्य, आनुवंशिक क्षमता, खान-पान और देखभाल जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। कैद में रहने वाले बाघों को नियमित भोजन और चिकित्सा सुविधा मिलने के कारण वे कई बार जंगल में रहने वाले बाघों से अधिक उम्र तक जीवित रह सकते हैं।महक का 23वें वर्ष में प्रवेश करना अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क के लिए भी खास उपलब्धि है। वन विभाग अब अगले महीने होने वाले बड़े कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा है, जहां बच्चे महक के साथ इस खास मौके का हिस्सा बन सकेंगे।