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राजस्थान के टॉप-10 वांटेड में शामिल MD ड्रग्स का मास्टरमाइंड रमेश विश्नोई कोलकाता से अरेस्ट, वीडियो में जानें कैसे 10वीं पास माफिया ने खडा किया साम्राज्य

राजस्थान के टॉप-10 वांटेड में शामिल MD ड्रग्स का मास्टरमाइंड रमेश विश्नोई कोलकाता से अरेस्ट, वीडियो में जानें कैसे 10वीं पास माफिया ने खडा किया साम्राज्य
 
राजस्थान के टॉप-10 वांटेड में शामिल MD ड्रग्स का मास्टरमाइंड रमेश विश्नोई कोलकाता से अरेस्ट, वीडियो में जानें कैसे 10वीं पास माफिया ने खडा किया साम्राज्य

राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। राज्य के टॉप टेन वांटेड अपराधियों में शामिल और MD ड्रग्स के मास्टरमाइंड रमेश कुमार विश्नोई को आखिरकार 8 साल बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 16 जनवरी को उसे कोलकाता से दबोचकर राजस्थान लाया। रमेश पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान रमेश उर्फ अनिल उर्फ रामलाल विश्नोई (31) निवासी बाड़मेर के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि रमेश महज 10वीं पास है, लेकिन उसने नशे के कारोबार में ऐसा नेटवर्क खड़ा किया, जिसने राजस्थान सहित कई राज्यों में MD ड्रग्स की सप्लाई की। शुरुआती जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि रमेश ने महाराष्ट्र की एक जेल में बंद रहने के दौरान एक डॉक्टर से खतरनाक सिंथेटिक ड्रग MD बनाने का फॉर्मूला सीखा था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद रमेश ने उसी फॉर्मूले के आधार पर MD ड्रग्स बनाकर बेचने का काम शुरू किया। धीरे-धीरे उसने इस अवैध कारोबार को बड़े स्तर पर फैलाया। बताया जा रहा है कि उसी डॉक्टर के कहने पर रमेश ने राजस्थान में MD ड्रग्स बनाने की फैक्ट्रियां भी स्थापित कर दीं। इन फैक्ट्रियों से तैयार होने वाली ड्रग्स की सप्लाई राज्य के अलावा अन्य हिस्सों में भी की जाती थी।

एक लाख का इनामी होने के बावजूद रमेश पुलिस की पकड़ से दूर रहा। वह लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलता रहा। हालांकि, वह एक बड़ी चूक कर बैठा। पुलिस के मुताबिक, रमेश रोजाना अपनी पत्नी से फोन पर संपर्क में रहता था और अक्सर उसे कहता था कि पुलिस उसे कभी पकड़ नहीं पाएगी। इसी दौरान तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुलिस को उसके मूवमेंट से जुड़े अहम सुराग मिलने लगे।

जांच में सामने आया है कि रमेश तस्करी से जुड़ी डील करने के लिए अक्सर फ्लाइट से एक शहर से दूसरे शहर आता-जाता था। इसी हवाई रूट ने आखिरकार उसे पुलिस के जाल में फंसा दिया। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने उसकी गतिविधियों पर लंबे समय तक नजर रखी और पुख्ता सूचना मिलने पर कोलकाता में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

ANTF अधिकारियों का कहना है कि रमेश की गिरफ्तारी से MD ड्रग्स नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। उससे पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है, जिनमें ड्रग्स बनाने की फैक्ट्रियों, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य तस्करों के नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि महाराष्ट्र जेल में मौजूद डॉक्टर की भूमिका कितनी गहरी है और क्या इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं।

फिलहाल रमेश को राजस्थान लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। रमेश की गिरफ्तारी को राज्य में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।