यूट्यूब देखकर बनाई एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री, जोधपुर-बाड़मेर में ANTF की बड़ी कार्रवाई; फुटेज में देंखे 6 आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जोधपुर में संचालित एक अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। वहीं बाड़मेर में छापेमारी कर ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल और केमिकल बरामद किया गया है। इस मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।ANTF की टीम ने बाड़मेर जिले के धनाऊ क्षेत्र स्थित भुणियां गांव में खेत पर बने एक कमरे में छापा मारा। जांच के दौरान वहां से एमडी ड्रग्स तैयार करने में उपयोग किए जाने वाले केमिकल और अन्य सामग्री बरामद हुई।
कर्ज से परेशान होकर शुरू किया नशे का कारोबार
ANTF के आईजी Vikas Kumar ने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी नारायणराम विश्नोई नशे की लत और आर्थिक तंगी के कारण भारी कर्ज में डूब गया था। वहीं उसका साथी अशोक कुमार शेयर बाजार में निवेश कर जल्दी पैसा कमाने की कोशिश में कर्जदार हो गया था।आर्थिक संकट से उबरने के लिए दोनों ने अवैध तरीके से एमडी ड्रग्स बनाने और बेचने की योजना बनाई। इसके बाद उन्होंने जोधपुर में ड्रग्स तैयार करने की फैक्ट्री स्थापित कर दी।
यूट्यूब से सीखा ड्रग्स बनाना
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने इंटरनेट और यूट्यूब वीडियो देखकर एमडी ड्रग्स बनाने की प्रक्रिया सीखी थी। हालांकि तकनीकी जानकारी और अनुभव की कमी के कारण वे उच्च गुणवत्ता की ड्रग्स तैयार नहीं कर पा रहे थे।जांच एजेंसियों के अनुसार खराब गुणवत्ता के कारण कई बार तैयार किया गया माल जल जाता था या उपयोग योग्य नहीं रहता था, जिससे आरोपियों को लगातार नुकसान हो रहा था।
कच्चा माल लौटाने जाते समय पकड़े गए
पुलिस के मुताबिक ड्रग्स बनाने में विफल रहने के बाद आरोपी कच्चा माल सप्लायर को वापस करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली और कार्रवाई करते हुए आरोपियों को धर दबोचा गया।
नेटवर्क की जांच जारी
ANTF अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने ड्रग्स बनाने के लिए केमिकल और अन्य सामग्री कहां से खरीदी थी तथा इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच में नशे के कारोबार से जुड़े अन्य बड़े खुलासे भी हो सकते हैं।राजस्थान में हाल के दिनों में ड्रग्स तस्करी और अवैध नशीले पदार्थों के निर्माण के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।
