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भीलवाड़ा में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, वीडियो में जाने 72 करोड़ की खेप की तैयारी का खुलासा; 3 आरोपी गिरफ्तार

भीलवाड़ा में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, वीडियो में जाने 72 करोड़ की खेप की तैयारी का खुलासा; 3 आरोपी गिरफ्तार
 
भीलवाड़ा में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, वीडियो में जाने 72 करोड़ की खेप की तैयारी का खुलासा; 3 आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान के Bhilwara जिले में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग बनाने की पहली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह फैक्ट्री भैंसरोड़गढ़ की पहाड़ियों के पीछे संचालित की जा रही थी, जहां पिछले कई दिनों से नशीले पदार्थ तैयार करने की गतिविधियां चल रही थीं।पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। शुरुआती पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिनसे इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड मध्य प्रदेश का बताया जा रहा है, जिसने राजस्थान में करीब 7 हजार रुपये मासिक किराए पर एक मकान लिया था, जहां यह अवैध फैक्ट्री चलाई जा रही थी। सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर एक बदमाश को 1 लाख रुपये में रखा गया था, ताकि किसी को इस गतिविधि की भनक न लग सके।जांच में यह भी सामने आया है कि यहां तैयार की जा रही एमडी ड्रग की अनुमानित कीमत करीब 72 करोड़ रुपये बताई जा रही थी, जिसे राजस्थान से मध्य प्रदेश और फिर देश के अन्य हिस्सों में सप्लाई करने की योजना थी।

पुलिस के अनुसार, इस अवैध यूनिट में मिक्सिंग और निर्माण के लिए एक एक्सपर्ट भी बुलाया गया था, जिसकी पहचान वीरेंद्र सिंह के रूप में हुई है। माना जा रहा है कि वही इस ड्रग के निर्माण में तकनीकी भूमिका निभा रहा था।Rajasthan Police ने बताया कि पिछले लगभग 7 दिनों से यहां ड्रग निर्माण की तैयारी और सामग्री इकट्ठा करने का काम चल रहा था। हालांकि, समय रहते मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर पूरी फैक्ट्री को पकड़ लिया।

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य में नशे के नेटवर्क के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन और इसके पीछे जुड़े बड़े रैकेट की जांच में जुटी हुई है। यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार को लेकर चिंता और सख्ती दोनों बढ़ गई है।