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राजस्थान में मेयर-सभापतियों को 100 दिन में बदलनी होगी शहरों की तस्वीर; CM भजनलाल शर्मा की दो टूक

राजस्थान में मेयर-सभापतियों को 100 दिन में बदलनी होगी शहरों की तस्वीर; CM भजनलाल शर्मा की दो टूक
 
राजस्थान में मेयर-सभापतियों को 100 दिन में बदलनी होगी शहरों की तस्वीर; CM भजनलाल शर्मा की दो टूक

मुख्यमंत्री ने निकाय प्रमुखों को अपने-अपने शहर के विकास के लिए अगले 100 दिनों का स्पष्ट रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्ययोजना में ऐसे कामों को प्राथमिकता दी जाए, जिनका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर दिखाई दे। सरकार का जोर शहरों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं का तेजी से समाधान करने पर रहेगा।

मुख्यमंत्री ने निकाय प्रमुखों से कहा कि 100 दिन की कार्ययोजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके परिणाम जमीन पर नजर आने चाहिए। प्रत्येक नगर निकाय को अपने शहर की प्रमुख समस्याओं की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर काम तय करने होंगे। इनमें सड़क, सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को शामिल किया जा सकता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की समयबद्ध निगरानी की जाए और तय समय सीमा में काम पूरा कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए। निकायों को स्थानीय जरूरतों के हिसाब से योजना बनाने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों की पहचान वहां उपलब्ध नागरिक सुविधाओं और साफ-सफाई की व्यवस्था से होती है। ऐसे में नगर निकायों की जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करें। कचरा संग्रहण, सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए। नागरिकों से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए और अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा करनी चाहिए। इससे लोगों को स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का समाधान मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने निकाय प्रमुखों से कहा कि वे अपने शहर के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करें और 100 दिनों के भीतर उन लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में काम करें। उन्होंने विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर भी जोर दिया।

सरकार की इस 100 दिन की कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य शहरों में ऐसे बदलाव लाना है, जिन्हें आम नागरिक सीधे महसूस कर सकें। आने वाले दिनों में निकाय स्तर पर तय किए गए लक्ष्यों के आधार पर काम की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इससे नगर निकायों की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों की गति पर भी नजर रखी जा सकेगी।