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मजदूरी नहीं मिलने पर 50 फीट ऊंचे मंदिर के गुंबद पर चढ़ा राजमिस्त्री, बकाया थे 81 हजार रुपये

मजदूरी नहीं मिलने पर 50 फीट ऊंचे मंदिर के गुंबद पर चढ़ा राजमिस्त्री, बकाया थे 81 हजार रुपये
 
मजदूरी नहीं मिलने पर 50 फीट ऊंचे मंदिर के गुंबद पर चढ़ा राजमिस्त्री, बकाया थे 81 हजार रुपये

श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ के गांव 15A में कड़िया पूर्णा राम 50 फीट ऊंचे मंदिर के गुंबद पर चढ़ गया। गांव 15A के रहने वाले पूर्णा राम ने बताया कि मंदिर 15A के रहने वाले राजू नायक ने बनवाया था। इसे बनवाने में कुल ₹144,000 का खर्च आया, जिसमें से राजू नायक ने ₹65,000 दिए। पूर्णा राम ने बताया कि पिछले तीन महीने से वह अपनी बकाया सैलरी करीब ₹81,000 मांग रहा है, लेकिन नायक ने उसे देने से मना कर दिया है।

पूर्णा राम ने बताया कि बकाया सैलरी की वजह से उसे घर चलाने में दिक्कत हो रही है। इसलिए उसे आज मजबूरन मंदिर के गुंबद पर चढ़ना पड़ा। गांव वालों और पूर्व सरपंच के पति नाथूराम के समझाने पर करीब पांच घंटे बाद ₹70,000 सैलरी लेकर पूर्णा राम गुंबद से नीचे उतरा।

पूर्णा राम ने खुद मंदिर बनवाया था। पूर्णा राम ने बताया कि उसने मंदिर बनाने का कॉन्ट्रैक्ट लिया था। मंदिर बनने तक उसने करीब दो महीने काम किया। मंदिर बनने के बाद, कंस्ट्रक्शन का काम देने वाले राजू नायक ने उसे बकाया ₹81,000 देने से मना कर दिया। नायक उसे सिर्फ ₹40,000 दे रहा था। पूर्णा राम ने बताया कि वह पिछले तीन महीने से पेमेंट मांग रहा था। लेकिन, पेमेंट न मिलने पर उसे मंगलवार (2 दिसंबर) सुबह 9:30 बजे मंदिर के गुंबद पर चढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। पूर्व सरपंच के पति के भरोसा दिलाने पर पूर्णा राम नीचे उतरा। पूर्णा राम के चढ़ने के बाद कई गांव वाले और पूर्व सरपंच के पति नाथूराम मौके पर पहुंचे। पूर्णा राम को समझाने के बाद वह करीब पांच घंटे बाद नीचे उतरा। पूर्व सरपंच के पति नाथूराम ने बताया कि पंचायत ने पूर्णा राम को ₹70,000 देने का भरोसा दिया था। पंचायत के आश्वासन के बाद पूर्णा राम गुंबद से नीचे उतरा। उसके नीचे आने पर गांववालों ने राहत की सांस ली।