अलवर में 12 साल की बच्ची से रेप के दोषी को उम्रकैद, वीडियो में देखें कोर्ट ने कहा– मासूमियत को कुचलने वाले को कोई रियायत नहीं
नाबालिग लड़की से रेप के एक शर्मनाक और चौंकाने वाले मामले में अलवर की POCSO कोर्ट नंबर 2 ने कड़ा और अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 12 साल की लड़की से बार-बार रेप करने के आरोपी को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। साथ ही ₹4 लाख (लगभग $400,000 USD) का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा है कि नाबालिगों के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराधों के मामलों में कोई नरमी नहीं दिखाई जानी चाहिए।
मामला अलवर जिले का है, जहां करीब 50 साल के आरोपी ने अपने ही चचेरे भाई की नाबालिग बेटी को निशाना बनाया। कोर्ट में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, आरोपी ने एक साल में लड़की के साथ 15 बार रेप किया। उसने इस जघन्य अपराध को करने के लिए उसकी मासूमियत और भरोसे का इस्तेमाल किया। पीड़िता उस उम्र में थी जब बच्चे आमतौर पर खेलने और पढ़ाई में व्यस्त रहते हैं, लेकिन इस अपराध का उसकी पूरी ज़िंदगी पर गहरा असर पड़ा।
उसने लड़की को बहला-फुसलाकर उसके साथ रेप किया।
पीड़िता के पिता ने 12 नवंबर को अरावली विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी लड़की को मिठाई का लालच देकर अपने घर या सुनसान जगह पर ले जाता और उसके साथ रेप करता। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता। लड़की डर के मारे काफी समय तक चुप रही, लेकिन जब वह दूर चली गई तो उसके परिवार वालों ने उससे पूछताछ की। उसने अपनी आपबीती सुनाई। रिपोर्ट के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। आरोप सही पाए गए। मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों से आरोपी की करतूतें सामने आईं। मेडिकल जांच, पीड़िता के बयान और दूसरे सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मजबूत चार्जशीट तैयार कर उसे कोर्ट में पेश किया। इसके बाद जज शिल्पा समीर ने POCSO कोर्ट-2 में मामले की सुनवाई की।
नाबालिग की मासूमियत का फायदा उठाकर एक घिनौना जुर्म किया गया था।
POCSO कोर्ट ने स्पीडी ट्रायल चलाया। सरकारी वकील ने मजबूत सबूत पेश किए, जिससे आरोपी को सजा हुई। जस्टिस शिल्पा समीर की कोर्ट ने आरोपी की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि एक साल में 15 बार लड़की से रेप करना न सिर्फ अचानक हुआ बल्कि पहले से प्लान किए गए रेप का सबूत भी है। इस जुर्म का लड़की की पूरी ज़िंदगी और मन पर फिजिकल और मेंटल असर पड़ेगा। सज़ा सुनाते हुए जस्टिस शिल्पा समीर ने कहा कि एक नाबालिग की मासूमियत का फायदा उठाकर एक घिनौना जुर्म किया गया है।
पीड़ित के परिवार ने सज़ा पर खुशी जताई।
जस्टिस शिल्पा समीर ने कहा कि इस जुर्म का असर इतना गहरा था कि इसका लड़की के मन पर ज़िंदगी भर असर रहेगा। ऐसे मामलों में समाज को मैसेज देने के लिए सख्त सज़ा ज़रूरी है। आरोपी की उम्र कम होने के बावजूद उस पर कोई रहम नहीं दिखाया जा सकता। पीड़ित की तरफ से पेश हुए सरकारी वकील पंकज यादव ने कहा कि कोर्ट ने जुर्माने की रकम पीड़ित को मुआवजे के तौर पर देने का निर्देश दिया है। लड़की के परिवार ने फैसले पर खुशी जताई और कहा कि उन्हें अब इंसाफ मिल गया है।
