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कब्रिस्तान में इबादत करने गए व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत, पौधों को पानी देते समय हुआ हादसा

कब्रिस्तान में इबादत करने गए व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत, पौधों को पानी देते समय हुआ हादसा
 
कब्रिस्तान में इबादत करने गए व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत, पौधों को पानी देते समय हुआ हादसा

 राजस्थान के पाली शहर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। कब्रिस्तान में इबादत करने और पौधों को पानी देने गए एक व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिजनों के पहुंचने पर वह बेहोशी की हालत में जमीन पर पड़े मिले। उन्हें तुरंत इलाज के लिए पाली के बांगड़ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, मृतक रोजाना की तरह कब्रिस्तान में इबादत करने और वहां लगे पौधों की देखभाल के लिए गए थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह वहीं गिर पड़े। काफी देर तक उनके वापस नहीं लौटने पर परिजन उन्हें तलाशते हुए कब्रिस्तान पहुंचे।

परिजनों ने उन्हें जमीन पर बेहोशी की हालत में पड़ा देखा। इसके बाद आनन-फानन में उन्हें एक टैक्सी की मदद से पाली के बांगड़ अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया।

घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। अचानक हुई इस मौत से परिजन सदमे में हैं। बताया जा रहा है कि मृतक स्वस्थ दिखाई देते थे और रोजाना अपनी दिनचर्या के अनुसार कब्रिस्तान जाते थे।

परिजनों के अनुसार, उन्हें उम्मीद थी कि समय पर अस्पताल पहुंचाने से उनकी जान बचाई जा सकेगी, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतक कब्रिस्तान की देखभाल और वहां पौधों को पानी देने का काम भी करते थे। वह नियमित रूप से वहां आते थे। उनकी अचानक मौत से इलाके के लोग भी दुखी हैं।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई है। शव का पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना ने एक बार फिर लोगों को हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों को लेकर सतर्क रहने का संदेश दिया है।

डॉक्टरों के अनुसार, अचानक सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, ज्यादा पसीना आना या कमजोरी महसूस होने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में तुरंत चिकित्सा सहायता लेने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।