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जालोर के सिरे मंदिर में रत्नेश्वर महादेव मंदिर की 375वीं वर्षगांठ पर महायज्ञ, वीडियो में देंखे योगी आदित्यनाथ हुए शामिल

जालोर के सिरे मंदिर में रत्नेश्वर महादेव मंदिर की 375वीं वर्षगांठ पर महायज्ञ, वीडियो में देंखे योगी आदित्यनाथ हुए शामिल
 
जालोर के सिरे मंदिर में रत्नेश्वर महादेव मंदिर की 375वीं वर्षगांठ पर महायज्ञ, वीडियो में देंखे योगी आदित्यनाथ हुए शामिल

राजस्थान के Jalore जिले की कनकांचल पहाड़ी पर स्थित प्रसिद्ध Sire Temple में सोमवार को रत्नेश्वर महादेव मंदिर की 375वीं वर्षगांठ के अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महायज्ञ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यज्ञ में आहुति देकर भगवान Shiva की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा को भी संबोधित किया।

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने राजस्थान की वीरता और परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि जौहर इस प्रदेश की गौरवशाली परंपरा का तेज है। उन्होंने कहा कि जौहर की परंपरा ने वीरांगनाओं के आत्मसम्मान, साहस और बलिदान की गाथाओं को अमर बना दिया है। यह इतिहास आज भी समाज को प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने सिरे मंदिर की स्थापत्य कला की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मंदिर की बारीक कारीगरी और स्थापत्य शैली बेहद अद्भुत है और यह उस समय की उत्कृष्ट कला और शिल्पकला को दर्शाती है। योगी ने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल हमारी संस्कृति और परंपराओं के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि Maharaja Man Singh ने यहां शिलालेखों के माध्यम से क्षेत्र के इतिहास को सहेजने का महत्वपूर्ण कार्य किया। इन शिलालेखों के कारण आने वाली पीढ़ियों को इस स्थान के इतिहास और परंपरा के बारे में जानकारी मिलती है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे। पूरे मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल देखने को मिला और भक्तों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

मंदिर की 375वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम क्षेत्र के लिए खास माना जा रहा है। आयोजकों के अनुसार इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि क्षेत्र के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को भी उजागर करते हैं। 🕉️