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मदन राठौड़ बोले- मैं सोशल मीडिया का भुगतभोगी हूं: पैसे के लालच में लोग बना रहे घटिया रील्स, पाकिस्तान वाले बयान पर हुए थे ट्रोल

मदन राठौड़ बोले- मैं सोशल मीडिया का भुगतभोगी हूं: पैसे के लालच में लोग बना रहे घटिया रील्स, पाकिस्तान वाले बयान पर हुए थे ट्रोल
 
मदन राठौड़ बोले- मैं सोशल मीडिया का भुगतभोगी हूं: पैसे के लालच में लोग बना रहे घटिया रील्स, पाकिस्तान वाले बयान पर हुए थे ट्रोल

राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली रील्स और कंटेंट को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि आजकल कुछ लोग पैसे कमाने के लालच में घटिया स्तर की रील्स बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर बिना तथ्यों की जांच किए किसी भी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता है। इससे कई बार लोगों की छवि खराब होती है। राठौड़ ने खुद को सोशल मीडिया का भुगतभोगी बताते हुए कहा कि वे भी इस तरह की घटनाओं का सामना कर चुके हैं।

मदन राठौड़ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान को लेकर दिए गए उनके एक बयान को सोशल मीडिया पर जमकर वायरल किया गया था। इस बयान को लेकर उन्हें काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। सोशल मीडिया पर उनके बयान के वीडियो और अलग-अलग क्लिप साझा किए गए थे। इसके बाद कई यूजर्स ने उनकी बातों पर सवाल उठाए थे और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी थीं।

पैसे के लिए बनाए जा रहे भ्रामक वीडियो

मदन राठौड़ ने सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने के मौजूदा चलन पर चिंता जताते हुए कहा कि कुछ लोग केवल व्यूज और पैसे कमाने के लिए किसी भी हद तक जा रहे हैं। ऐसे लोग रील्स बनाने के दौरान मर्यादा और सामाजिक जिम्मेदारी का ध्यान नहीं रखते। उन्हें इस बात से कोई मतलब नहीं होता कि उनके वीडियो से किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है या समाज में गलत संदेश जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सकारात्मक कामों और सही जानकारी पहुंचाने के लिए होना चाहिए, लेकिन कुछ लोग इसे कमाई का जरिया बनाकर गलत तरीके अपना रहे हैं। कई बार किसी व्यक्ति के बयान का छोटा हिस्सा लेकर उसे इस तरह प्रसारित किया जाता है कि उसका पूरा अर्थ ही बदल जाता है।

पाकिस्तान वाले बयान पर हुई थी ट्रोलिंग

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मदन राठौड़ पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गए थे। उनके बयान को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। कई लोगों ने वीडियो क्लिप साझा करते हुए उन्हें निशाने पर लिया था। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया था।

राठौड़ का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर चीज सही नहीं होती। कई बार अधूरी जानकारी के आधार पर लोगों की राय बना दी जाती है। ऐसे में किसी भी वीडियो या बयान पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी पूरी जानकारी हासिल करना जरूरी है।

सोशल मीडिया के इस्तेमाल में जिम्मेदारी जरूरी

मदन राठौड़ ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वे खुद सोशल मीडिया के भुगतभोगी हैं। उनका मानना है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी के साथ जिम्मेदारी भी होनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के बयान को गलत संदर्भ में पेश करना या केवल मनोरंजन और कमाई के लिए उसकी छवि खराब करना उचित नहीं है।

उन्होंने संकेत दिया कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता और कमाई की होड़ में कंटेंट की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है। ऐसे में कंटेंट बनाने वालों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। वहीं, सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले लोगों को भी वायरल वीडियो देखकर तुरंत निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।