Aapka Rajasthan

मदन दिलावर ने डोटासरा पर पलटवार किया, कहा – पंचायत चुनाव की चिंता छोड़ भर्ती घोटाले की तैयारी करें

मदन दिलावर ने डोटासरा पर पलटवार किया, कहा – पंचायत चुनाव की चिंता छोड़ भर्ती घोटाले की तैयारी करें
 
मदन दिलावर ने डोटासरा पर पलटवार किया, कहा – पंचायत चुनाव की चिंता छोड़ भर्ती घोटाले की तैयारी करें

राजस्थान में पंचायत चुनावों को लेकर राजनीय बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। इस बीच शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के पंचायत चुनावों पर किए गए बयान पर तीखा पलटवार किया है।

मदन दिलावर ने कहा कि डोटासरा को पंचायत चुनाव की चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा, “डोटासरा को अपने भर्ती घोटाले में जेल जाने की तैयारी करनी चाहिए, न कि पंचायत चुनावों की। डोटासरा और कांग्रेस पार्टी की इस तरह की बयानबाजी केवल जनता को भ्रमित करने की कोशिश है।”

मंत्री ने आगे कहा कि सरकार और प्रशासन अपने काम में पूरी तरह सक्षम हैं और चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न होगी। उन्होंने डोटासरा के बयान को राजनीति की अघोषित चाल बताया और कहा कि जनता पहले ही कांग्रेस के भ्रष्टाचार और भर्ती घोटालों को देख चुकी है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि मदन दिलावर का यह पलटवार सीधे तौर पर डोटासरा और कांग्रेस की भ्रष्टाचार की छवि पर निशाना साधने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव नजदीक आते ही दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

डोटासरा ने हाल ही में पंचायत चुनावों को लेकर कुछ टिप्पणियाँ की थीं, जिनमें उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों और चुनावी तैयारियों पर सवाल उठाए थे। उनकी टिप्पणियों के बाद शिक्षा मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार सुधार और विकास के मुद्दों पर काम कर रही है, और डोटासरा केवल भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।

मदन दिलावर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “राजस्थान की जनता अब कांग्रेस के भ्रष्टाचार और भर्ती घोटालों से भलीभांति वाकिफ है। डोटासरा और उनकी पार्टी का यह बयान केवल राजनीतिक खेल है। पंचायत चुनावों में जनता स्वयं यह तय करेगी कि किसे समर्थन देना है।”

राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल पहले ही गरम है। विभिन्न दल अपने-अपने नेताओं के माध्यम से बयानबाजी कर रहे हैं, ताकि चुनावी तैयारी को प्रभावित किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे बयानबाजी से राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है, लेकिन चुनाव आयोग की निगरानी में चुनाव निष्पक्ष रूप से संपन्न होंगे।

इस घटना से यह भी स्पष्ट संदेश जाता है कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्षी दल सियासी आरोप-प्रत्यारोप के माध्यम से जनता को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, शिक्षा मंत्री ने अपने बयान में यह साफ कर दिया कि सरकार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मामलों में सख्ती से कार्रवाई कर रही है और किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव से विचलित नहीं होगी।

इस तरह, मदन दिलावर का डोटासरा पर पलटवार राज्य में पंचायत चुनावों की सरगर्मी के बीच राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर गया है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना है।