भगवान श्रीमहावीरजी की रथयात्रा: उमड़ा जनसैलाब… आस्था की उठी हिलोरें
जैन समाज के प्रमुख आराध्य भगवान महावीर के जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित भव्य रथयात्रा में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर में निकाली गई इस विशाल रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा वातावरण धार्मिक उल्लास से सराबोर हो गया।
रथयात्रा की शुरुआत विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ की गई। सजे-धजे रथ में भगवान महावीरजी की प्रतिमा विराजमान थी, जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। यात्रा के दौरान “जय महावीर” के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा।
इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक झांकियां, भजन मंडलियां और आकर्षक सजावट यात्रा का मुख्य आकर्षण रहीं। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर नाचते-गाते हुए रथयात्रा के साथ चलते रहे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को और भी खास बना दिया।
पूरे मार्ग को फूलों और रंगीन सजावट से सजाया गया था, जिससे रथयात्रा का दृश्य अत्यंत भव्य और मनमोहक बन गया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी।
प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती के चलते रथयात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, भगवान महावीर का जीवन अहिंसा, सत्य और करुणा का संदेश देता है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाती हैं।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान महावीरजी से सुख-समृद्धि, शांति और सद्भाव की कामना की। इस भव्य आयोजन ने शहर में आस्था और एकता का संदेश दिया।
