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भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया, भव्य वरघोड़े ने मोहा मन

भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया, भव्य वरघोड़े ने मोहा मन
 
भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया, भव्य वरघोड़े ने मोहा मन

भगवान महावीर के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर जैन ट्रस्ट और सकल जैन संघ के तत्वावधान में शहर में विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल देखने को मिला।

भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम में सभापति महेंद्र भाई बाफना ने जानकारी देते हुए बताया कि महोत्सव का आयोजन गच्छाधिपति आचार्य विजय कुलचंद्र सूरीश्वर, आचार्य विजय महानंद सूरीश्वर और आचार्य जिन पूर्णानंद सूरीश्वर के सानिध्य में किया गया।

इस अवसर पर साधु-साध्वी भगवंतों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया। सुबह शुभ मुहूर्त में भव्य वरघोड़ा निकाला गया, जिसमें भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था।

वरघोड़े में बैंड-बाजे, भगवान महावीर की तस्वीर, परमात्मा की पालकी, साधु भगवंत, साध्वी भगवंत तथा श्रावक-श्राविकाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। महिलाओं ने मंगल कलश धारण कर धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया और पूरे मार्ग में श्रद्धा भाव से सहभागिता निभाई।

वरघोड़ा के दौरान कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने चावल की गहुली से वंदन किया और विभिन्न समाजों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। पूरे मार्ग में “जियो और जीने दो” के संदेश के साथ वातावरण भक्तिमय बना रहा।

इस अवसर पर भगवान महावीर से संबंधित आकर्षक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों के माध्यम से भगवान महावीर के जीवन दर्शन, अहिंसा और सत्य के संदेश को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया।

आयोजकों के अनुसार, इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं। श्रद्धालुओं ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर बताया।

कुल मिलाकर, भगवान महावीर के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव का यह आयोजन भक्ति, अनुशासन और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।