जयपुर में शराब ठेकेदारों का प्रदर्शन, रात 11 बजे तक दुकानें खोलने की मांग; वीडियो में बोले- मांग नहीं मानी तो चुनाव में दिखेगा असर
जयपुर के शहीद स्मारक पर सोमवार को राजस्थान के शराब ठेकेदार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदेशभर से आए सैकड़ों ठेकेदारों ने आबकारी नीति और शराब कारोबार से जुड़े नियमों में बदलाव की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों की सबसे प्रमुख मांग शराब की दुकानों के संचालन का समय बढ़ाकर रात 11 बजे तक करने की है।
लिकर कॉन्ट्रैक्टर यूनियन के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने कहा कि वर्तमान समय सीमा में शराब की दुकानों का संचालन करने से उन्हें कारोबार में परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से ठेकेदारों को निर्धारित गारंटी पूरी करने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन बिक्री के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जा रहा। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था में गारंटी पूरी करना मुश्किल हो रहा है।ठेकेदारों ने सरकार से मांग की कि शराब दुकानों के संचालन का समय बढ़ाकर रात 11 बजे तक किया जाए। उनका तर्क है कि अतिरिक्त समय मिलने से बिक्री बढ़ सकती है और वे सरकार की ओर से तय गारंटी को पूरा करने की स्थिति में आ सकेंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनसे निर्धारित राजस्व की गारंटी पूरी करने की अपेक्षा करती है तो उन्हें कारोबार के लिए पर्याप्त समय भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान शराब ठेकेदारों ने सरकार को राजनीतिक परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो इसका असर आने वाले निकाय चुनावों में देखने को मिल सकता है। ठेकेदारों ने सरकार से जल्द बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की।यूनियन ने आबकारी व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग भी उठाई। ठेकेदारों का कहना है कि मौजूदा आबकारी नीति के कारण शराब कारोबारियों के सामने कई तरह की व्यावहारिक समस्याएं खड़ी हो रही हैं। इन समस्याओं का समाधान किए बिना कारोबार को सुचारु रूप से चलाना मुश्किल है।प्रदर्शनकारियों ने जीरो बिलिंग का मुद्दा भी उठाया। यूनियन की ओर से चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में शराब की दुकानें बंद करने का कदम उठाया जा सकता है। ठेकेदारों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को सरकार के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं मिला है।
ठेकेदारों ने कहा कि शराब कारोबार में सरकार और ठेकेदार दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार को राजस्व मिलता है, जबकि ठेकेदार लाइसेंस और अन्य निर्धारित शर्तों के तहत कारोबार संचालित करते हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखकर आबकारी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।जयपुर के शहीद स्मारक पर हुए प्रदर्शन में सैकड़ों ठेकेदारों की मौजूदगी से सरकार पर दबाव बढ़ गया है। अब देखना होगा कि सरकार लिकर कॉन्ट्रैक्टर यूनियन की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या शराब दुकानों के संचालन का समय रात 11 बजे तक बढ़ाने पर कोई निर्णय लिया जाता है।फिलहाल ठेकेदारों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेशभर में बढ़ाया जा सकता है। साथ ही जीरो बिलिंग और शराब की दुकानें बंद करने की चेतावनी से आने वाले दिनों में आबकारी विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है।
