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डूंगरपुर में लेपर्ड का आतंक, एक घंटे में दो महिलाओं पर हमला; फुटेज में देंखे एक की हालत गंभीर, गांव में दहशत

डूंगरपुर में लेपर्ड का आतंक, एक घंटे में दो महिलाओं पर हमला; फुटेज में देंखे एक की हालत गंभीर, गांव में दहशत
 
डूंगरपुर में लेपर्ड का आतंक, एक घंटे में दो महिलाओं पर हमला; फुटेज में देंखे एक की हालत गंभीर, गांव में दहशत

राजस्थान के डूंगरपुर जिले के रामा गांव में सोमवार देर शाम लेपर्ड के हमले से दो महिलाएं घायल हो गईं। दोनों घटनाएं करीब एक घंटे के अंतराल में हुईं और हमले की जगहों के बीच लगभग 200 फीट की दूरी बताई जा रही है। पहली महिला भैंसों को लेने जा रही थी, तभी लेपर्ड ने उस पर हमला कर दिया। महिला के गले और हाथ पर गहरे घाव आए हैं। गंभीर हालत में उसे डूंगरपुर रेफर किया गया। वहीं, दूसरी घायल महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लगातार दो हमलों के बाद गांव में दहशत का माहौल है।

भैंसों को लेने जा रही महिला पर किया हमला

जानकारी के अनुसार, पहली घटना सोमवार शाम करीब 6 बजे के बाद हुई। रामा गांव की 28 वर्षीय रिंकू पत्नी शंकर गायरी भैंसों को लेने जा रही थीं। इसी दौरान अचानक लेपर्ड ने उन पर हमला कर दिया। हमले में रिंकू के गले और हाथ पर गहरे घाव हो गए।घटना के बाद परिजन घायल महिला को तुरंत आसपुर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए डूंगरपुर रेफर कर दिया गया। महिला पर हुए हमले के बाद ग्रामीणों में डर बढ़ गया।

करीब एक घंटे बाद दूसरी महिला को बनाया निशाना

पहली घटना के लगभग एक घंटे बाद लेपर्ड ने दूसरी महिला पर हमला कर दिया। 48 वर्षीय जसुकुंवर पत्नी करण सिंह राठौर इस हमले में घायल हो गईं। उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।घायल महिला के ससुर कचरु गायरी के मुताबिक, लेपर्ड ने उनकी बहू पर अचानक हमला किया। हमले के बाद परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। लगातार दो महिलाओं पर हमले की खबर फैलते ही गांव में चिंता और भय का माहौल बन गया।

200 फीट के दायरे में दो हमले, ग्रामीणों में डर

ग्रामीणों के अनुसार, दोनों हमले करीब 200 फीट की दूरी पर हुए। एक ही शाम में दो महिलाओं पर हमले की घटनाओं ने गांव के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों को आशंका है कि लेपर्ड आसपास के क्षेत्र में मौजूद हो सकता है। ऐसे में लोग घरों से बाहर निकलने और पशुओं को लेने जाने के दौरान सतर्कता बरत रहे हैं।ग्रामीण इलाकों में अक्सर लोग मवेशियों को चराने या वापस लाने के लिए खेतों और खुले स्थानों की ओर जाते हैं। ऐसे में वन्यजीव की मौजूदगी लोगों के लिए खतरा बन सकती है।

लेपर्ड की मौजूदगी से सुरक्षा को लेकर चिंता

रामा गांव में लगातार हुए दो हमलों के बाद ग्रामीणों को वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार है। फिलहाल दोनों घायल महिलाओं का इलाज जारी है। रिंकू की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें डूंगरपुर रेफर किया गया है, जबकि जसुकुंवर निजी अस्पताल में भर्ती हैं।ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र में लेपर्ड की गतिविधियों का पता लगाकर लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। हालांकि, लेपर्ड को पकड़ने या वन विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।