छत्र विलास पार्क में घुसा लेपर्ड 4 घंटे बाद रेस्क्यू, 40 फीट ऊंचे पेड़ से जाल में गिरा; जंगल में किया जाएगा रिलीज
राजस्थान के कोटा शहर के सबसे बड़े पब्लिक पार्क छत्र विलास (CV) गार्डन में घुसे लेपर्ड का करीब 4 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया। सुबह करीब 6 बजे पार्क में पहुंचे लेपर्ड ने लोगों में दहशत फैला दी थी। वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित पकड़ लिया।
रेस्क्यू के दौरान लेपर्ड करीब 40 फीट ऊंचे जामुन के पेड़ पर चढ़ गया था। उसे बेहोश करने के लिए रेस्क्यू टीम ने कई बार ट्रेंकुलाइज करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती चार प्रयास नाकाम रहे। घने पेड़ और पत्तियों के कारण डार्ट सही निशाने पर नहीं लग पा रहा था।
पांचवीं कोशिश में लगा ट्रेंकुलाइज डार्ट
वन विभाग की टीम ने लेपर्ड को पकड़ने के लिए कुल 5 बार ट्रेंकुलाइज गन से फायर किया। इनमें से केवल एक डार्ट ही लेपर्ड को लगा। इसके बाद करीब 20 मिनट तक लेपर्ड पेड़ पर ही बैठा रहा और धीरे-धीरे बेहोश होने लगा।
आखिरी प्रयास के लिए टीम क्रेन की मदद से पेड़ के पास पहुंची। क्रेन पर चढ़कर रेस्क्यू कर्मी ने करीब 10 फीट की दूरी से लेपर्ड पर निशाना लगाया, जिसके बाद डार्ट उसके शरीर में लगा।
जाल में गिरा लेपर्ड, टीम ने ली राहत की सांस
डार्ट लगने के बाद लेपर्ड करीब 20 मिनट बाद बेहोश होकर पेड़ से नीचे गिरा। वन विभाग की टीम ने पहले से नीचे सुरक्षा के लिए नेट बिछा रखा था, जिसमें गिरने के बाद लेपर्ड को सुरक्षित पकड़ लिया गया।
रेस्क्यू के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। सुरक्षा को देखते हुए पार्क क्षेत्र में लोगों की आवाजाही रोक दी गई थी। वन विभाग और पुलिस की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थी।
मेडिकल जांच के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा
डीएफओ प्रमोद धाकड़ ने बताया कि रेस्क्यू किए गए लेपर्ड का अब मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। स्वास्थ्य जांच के बाद उसे उपयुक्त जंगल क्षेत्र में सुरक्षित रिलीज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ट्रेंकुलाइज करने के दौरान डार्ट की डोज कम होने के कारण लेपर्ड को बेहोश होने में करीब 20 मिनट का समय लगा। आशंका है कि डार्ट लेपर्ड के पेट के हिस्से में लगा था।
शहर में लेपर्ड की एंट्री से मचा हड़कंप
कोटा शहर के बीचों-बीच स्थित छत्र विलास पार्क में लेपर्ड के पहुंचने की सूचना से लोगों में हड़कंप मच गया था। हालांकि वन विभाग की टीम ने बिना किसी नुकसान के पूरे ऑपरेशन को पूरा कर लिया।
वन अधिकारियों के अनुसार, आसपास के जंगल क्षेत्रों से कई बार वन्यजीव शहर की सीमा तक पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने और वन विभाग को तुरंत सूचना देने की सलाह दी जाती है।
