Rajasthan Legislative Assembly के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की माता का निधन, राजनीतिक जगत में शोक की लहर
राजस्थान की राजनीति से जुड़ी एक दुखद खबर सामने आई है। Rajasthan Legislative Assembly में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक टीकाराम जूली की माता का सोमवार देर शाम निधन हो गया। उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें तुरंत जयपुर स्थित Sawai Man Singh Hospital (एसएमएस अस्पताल) में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, टीकाराम जूली की माता की तबीयत शाम के समय अचानक खराब हो गई थी। स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आने के बाद परिजनों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया कि वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था।
टीकाराम जूली राजस्थान की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं और वर्तमान में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनकी माता के निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राजनीतिक सहयोगियों में शोक की लहर दौड़ गई। कई नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर या फोन के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इसे जूली परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा संगठन उनके साथ खड़ा है। विभिन्न दलों के नेताओं ने भी राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर शोक संवेदना प्रकट की है। सोशल मीडिया पर भी कई जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने श्रद्धांजलि संदेश साझा किए।
बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार उनके पैतृक स्थान पर पूरे विधि-विधान के साथ किया जाएगा। अंतिम संस्कार में प्रदेश के कई राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन की ओर से भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
टीकाराम जूली अपनी मां के बेहद करीब माने जाते थे और अक्सर सार्वजनिक मंचों पर उनका जिक्र करते रहे हैं। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि यह उनके लिए व्यक्तिगत रूप से गहरा आघात है। फिलहाल परिवार शोक की इस घड़ी में निजी समय बिता रहा है।
राजस्थान की राजनीति में यह खबर भावनात्मक माहौल लेकर आई है। विधानसभा सत्र के दौरान भी कई विधायकों ने शोक व्यक्त करते हुए जूली परिवार के प्रति संवेदना जताई। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा रही कि सार्वजनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच पारिवारिक क्षण कितने अहम होते हैं।
राज्य के विभिन्न हिस्सों से समर्थक और शुभचिंतक लगातार संवेदनाएं प्रेषित कर रहे हैं। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की जा रही है।
