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राजस्थान में जमीनों की खरीद-फरोख्त बढ़ी, वीडियो में जाने सरकार को रजिस्ट्री-स्टांप ड्यूटी से 7,264 करोड़ का राजस्व

राजस्थान में जमीनों की खरीद-फरोख्त बढ़ी, वीडियो में जाने सरकार को रजिस्ट्री-स्टांप ड्यूटी से 7,264 करोड़ का राजस्व
 
राजस्थान में जमीनों की खरीद-फरोख्त बढ़ी, वीडियो में जाने सरकार को रजिस्ट्री-स्टांप ड्यूटी से 7,264 करोड़ का राजस्व

राजस्थान में जमीन और प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। इसका असर राज्य सरकार के राजस्व संग्रह पर भी दिखाई दे रहा है। चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल 2026 से 24 सितंबर 2026 तक सरकार को रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी से 7,264 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में मिले राजस्व के मुकाबले 28 फीसदी से अधिक है।

मुद्रांक एवं पंजीयन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल 1 अप्रैल 2025 से 24 सितंबर 2025 तक राज्य सरकार को रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी के जरिए 5,658.26 करोड़ रुपये की आय हुई थी। इस साल समान अवधि में यह आंकड़ा बढ़कर 7,264 करोड़ रुपये हो गया। यानी करीब 1,606 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई है।

जमीनों में निवेश को लेकर बढ़ी गतिविधि

राज्य में जमीनों की खरीद-फरोख्त बढ़ने से रजिस्ट्रेशन से मिलने वाले राजस्व में भी इजाफा हुआ है। संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क के रूप में सरकार को राजस्व मिलता है। राजस्थान सरकार का पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग दस्तावेजों के पंजीयन और उन पर देय मुद्रांक कर व अन्य शुल्क के संग्रह का काम करता है।उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्व में बढ़ोतरी के पीछे जमीनों के सौदों में बढ़ी गतिविधि के साथ-साथ संपत्तियों के मूल्यांकन में हुए बदलाव को भी एक कारण माना जा रहा है।

डीएलसी दरों में दो बार बदलाव

इस वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों में सरकार की ओर से डीएलसी दरों में दो बार बढ़ोतरी किए जाने की बात भी सामने आई है। इससे कई क्षेत्रों में जमीन की डीएलसी यानी जिला स्तरीय मूल्यांकन दर बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, अलग-अलग क्षेत्रों और जमीन की श्रेणियों के हिसाब से डीएलसी में बढ़ोतरी का असर संपत्ति के पंजीयन के दौरान देय शुल्क पर भी पड़ा है।डीएलसी दर किसी क्षेत्र में जमीन की न्यूनतम निर्धारित सरकारी मूल्यांकन दर होती है। संपत्ति के पंजीयन में इसका महत्वपूर्ण इस्तेमाल होता है। राजस्थान के आधिकारिक ई-पंजीयन पोर्टल पर भी संपत्ति के मूल्यांकन और डीएलसी से संबंधित सेवाएं उपलब्ध हैं।

सरकार ने रखा है 18,750 करोड़ रुपये का लक्ष्य

रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी से चालू वित्त वर्ष में अब तक 7,264 करोड़ रुपये की आय हो चुकी है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष के लिए सरकार ने इस मद से 18,750 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है।राजस्थान सरकार के वित्त विभाग की वेबसाइट पर पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के वर्षवार राजस्व आंकड़े भी जारी किए जाते हैं। इससे पिछले वर्षों में इस क्षेत्र से सरकार की आय में लगातार बदलाव की तस्वीर सामने आती है।

कुल मिलाकर, चालू वित्त वर्ष में सितंबर तक रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी से हुई 7,264 करोड़ रुपये की आय पिछले साल की समान अवधि से काफी अधिक है। आने वाले महीनों में जमीनों की खरीद-फरोख्त और संपत्ति पंजीयन की गतिविधियों के आधार पर इस मद से सरकार की कुल सालाना आय की तस्वीर और स्पष्ट होगी।