बीडीओ से सरेआम मारपीट के आरोप में निलंबित कोटकासिम प्रधान को बड़ी राहत, एक्सक्लुसीव फुटेज में जानें राज्य सरकार ने क्यों लिया निलंबन वापस
खैरथल-तिजारा जिले की कोटकासिम पंचायत समिति की प्रधान विनोद कुमारी सांगवान को सोमवार को बड़ी राहत मिली है। राजस्थान सरकार ने उनके निलंबन आदेश को वापस ले लिया है। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में जानकारी दी गई, जिसके बाद जस्टिस अवनीश झिंगन की एकल पीठ ने प्रधान की ओर से दायर याचिका को निस्तारित कर दिया।
गौरतलब है कि विनोद कुमारी सांगवान को 28 अप्रैल 2024 को ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग द्वारा निलंबित कर दिया गया था। विभाग ने उन पर पंचायत समिति के बीडीओ (ब्लॉक विकास अधिकारी) के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के आरोप को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की थी। विभागीय जांच में उन्हें दोषी ठहराते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया था।
इस आदेश के खिलाफ विनोद कुमारी ने राजस्थान हाईकोर्ट की शरण ली थी। उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर कर निलंबन को अनुचित और राजनीतिक प्रेरणा से प्रेरित बताया था। याचिका में यह भी तर्क दिया गया था कि बिना ठोस साक्ष्य के उन्हें पद से हटाया गया, जिससे उनकी सामाजिक छवि और राजनीतिक भविष्य को नुकसान पहुंचा।
सोमवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि निलंबन आदेश को अब वापस ले लिया गया है। इस पर न्यायालय ने याचिका को निस्तारित कर दिया। अदालत ने कहा कि जब सरकार ने स्वयं आदेश वापस ले लिया है, तो अब याचिका पर सुनवाई की आवश्यकता नहीं रह जाती।
क्या है मामला?
सूत्रों के अनुसार, पंचायत समिति की बैठक के दौरान बीडीओ और प्रधान के बीच किसी मुद्दे को लेकर तीखी बहस हुई थी, जो बाद में कथित रूप से हाथापाई तक पहुंच गई। इस घटना के बाद बीडीओ ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने विनोद कुमारी को निलंबित कर दिया था।
अब आगे क्या?
निलंबन आदेश वापस लेने के बाद अब विनोद कुमारी सांगवान अपने पद पर पुनः कार्यभार संभाल सकेंगी। यह फैसला न केवल उनके लिए व्यक्तिगत राहत है, बल्कि पंचायत समिति की राजनीतिक गतिविधियों में भी बदलाव ला सकता है। स्थानीय राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, जहां एक वर्ग इसे न्याय की जीत बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है।
