कोटा: अधूरी इमारत घोटाले में 160 से अधिक लोग करोड़ों के नुकसान में, बिल्डर फरार
कोटा शहर के कुन्हाड़ी इलाके में एक बिल्डर अधूरी मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाकर फरार हो गया है। पिछले सात साल में मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में 160 से ज़्यादा फ्लैट बुक कराने वाले रहवासियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं। उन्हें न तो फ्लैट मिले हैं और न ही उनके पैसे वापस मिल रहे हैं। बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई गई है, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। RERA में शिकायत की गई है।
रिमशा बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने 2018 में कुन्हाड़ी इलाके के नयाखेड़ा गांव के ठासरा नंबर 241 में रिमशा रेजीडेंसी प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस प्रोजेक्ट के तहत तीन मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में करीब 300 सिंगल और टू BHK फ्लैट बनने थे। इस दौरान कंपनी के बिल्डर गिरीश सावलानी ने रहवासियों से एडवांस पेमेंट ले लिया।
लोगों ने फ्लैट के लिए बिल्डर को कैश और लोन के बदले पेमेंट भी किया था। इसके बाद बिल्डर बिल्डिंग को अधूरा छोड़कर फरार हो गया है। बिल्डर ने 2020 में फ्लैट देने का वादा किया था। प्रभावित लोगों ने रिमशा रेजीडेंसी संघर्ष समिति बनाई है।
160 लोगों के करोड़ों रुपये खतरे में
रिमशा रेजीडेंसी संघर्ष समिति के प्रेसिडेंट जयसिंह चौहान ने बताया कि कोटा के 160 लोगों ने प्रोजेक्ट के लिए हर फ्लैट के लिए 5 लाख रुपये से ज़्यादा एडवांस जमा किया था। इसके अलावा, उन्होंने बैंकों से 10 से 15 लाख रुपये का हाउसिंग लोन भी लिया था और बिल्डर को दिया था।
