Aapka Rajasthan

कोटा: झगड़े के बाद मजदूर ने पत्नी के सामने आत्महत्या की, परिवार में मातम

कोटा: झगड़े के बाद मजदूर ने पत्नी के सामने आत्महत्या की, परिवार में मातम
 
कोटा: झगड़े के बाद मजदूर ने पत्नी के सामने आत्महत्या की, परिवार में मातम

शहर के नयापुरा थाना क्षेत्र स्थित बृजराज कॉलोनी में शुक्रवार रात एक दर्दनाक घटना घटी। यहां एक युवक ने अपने परिवार के सामने झगड़े के बाद आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतक की पहचान महावीर सुमन (35) के रूप में की है। महावीर मजदूरी करते थे और उनका परिवार काफी साधारण जीवन जी रहा था।

पुलिस ने बताया कि घटना उस समय हुई जब महावीर और उनकी पत्नी के बीच घर में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद के तुरंत बाद महावीर ने आत्मघाती कदम उठा लिया। यह घटना पूरे मोहल्ले में सदमे की वजह बनी और उनके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।

महावीर की शादी सात साल पहले हुई थी और उनके दो छोटे बच्चे हैं। पड़ोसी और रिश्तेदार बताते हैं कि महावीर अपने बच्चों के प्रति बेहद प्रेमपूर्ण और जिम्मेदार पिता थे। उन्होंने कभी किसी को कोई परेशानी नहीं दी और हर रोज़ परिवार के लिए मजदूरी करके घर लाते थे। घटना की खबर सुनते ही पूरे मोहल्ले में गहरा शोक फैल गया।

नयापुरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के शव को कब्जे में लिया और शुरुआती जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल पर कोई बाहरी कारण नहीं पाया गया और प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव से जुड़ा लग रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक तनाव को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। अक्सर लोग अपने दुख या समस्याओं को व्यक्त नहीं कर पाते, जिससे आत्महत्या जैसी घटनाएं सामने आती हैं। यह घटना समाज के लिए चेतावनी भी है कि पारिवारिक विवादों और तनाव के समाधान के लिए समय पर मदद और सलाह लेना कितना जरूरी है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि महावीर और उनकी पत्नी के बीच पहले भी मामूली विवाद हुआ करता था, लेकिन कोई भी ऐसा कदम किसी ने उम्मीद नहीं किया था। पड़ोसियों का कहना है कि अगर किसी भी स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक परामर्श की सुविधा उपलब्ध होती, तो शायद इस तरह की घटना रोकी जा सकती थी।

महावीर की मृत्यु से उनके परिवार की हालत बेहद दयनीय है। बच्चों के भविष्य और पत्नी की मानसिक स्थिति को लेकर सभी चिंतित हैं। पुलिस ने इस घटना को लेकर परिवार को मानसिक सहारा देने की कोशिश भी की है और आगे की जांच में पारिवारिक और सामाजिक पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा।

कोटा के इस इलाके में यह घटना चेतावनी बन गई है कि घरेलू तनाव और मानसिक दबाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सरकारी और सामाजिक संस्थाओं को चाहिए कि ऐसे परिवारों तक समय पर मदद पहुँचाई जाए, ताकि इस तरह के दुखद हादसों को रोका जा सके।