करणी सेना का ऐलान, पीएम मोदी के अजमेर दौरे पर होगा विरोध, वीडियो में जानें काले झंडे दिखाकर जताएंगे नाराजगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 28 फरवरी को प्रस्तावित अजमेर दौरे से पहले विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। करणी सेना और सवर्ण समाज ने प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान विरोध-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इस संबंध में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर अपनी रणनीति सार्वजनिक की।
महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि यूजीसी कानून को लेकर सवर्ण समाज में भारी नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून से समाज के युवाओं के हित प्रभावित हो रहे हैं, जिसके चलते अब विरोध दर्ज कराना जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के अजमेर दौरे के दौरान बड़ी संख्या में युवा काले झंडे दिखाकर विरोध करेंगे।
करणी सेना अध्यक्ष ने कहा कि अजमेर में आयोजित होने वाली रैली के दौरान सवर्ण समाज के युवा ‘यूजीसी रोलबैक’ के नारे लगाएंगे और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि यह विरोध शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा और समाज अपनी लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत अपनी नाराजगी जाहिर करेगा।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को अजमेर दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे जिले और प्रदेश को बड़ी सौगात देने वाले हैं। प्रधानमंत्री करीब 23,500 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इन परियोजनाओं में बुनियादी ढांचे, सड़क, ऊर्जा और अन्य विकास से जुड़े काम शामिल हैं।
इसके अलावा कार्यक्रम में रोजगार उत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। इस दौरान लगभग 21 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
वहीं, करणी सेना और सवर्ण समाज के विरोध के ऐलान के बाद प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ गई है। फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के दौरे और प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर अजमेर में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है।
