बच्चों को बीमार कर रहा जंक फूड, वीडियो में जाने 7-8 साल की उम्र में BP और शुगर का खतरा; डॉक्टर ने दी चेतावनी
बाजार का खाना और जंक फूड बच्चों की सेहत पर गंभीर असर डाल रहा है। जिन बीमारियों को आमतौर पर उम्रदराज लोगों से जोड़कर देखा जाता था, अब उनका शिकार कम उम्र के बच्चे भी हो रहे हैं। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक विभाग के प्रमुख डॉ. मोहन मकवाना ने जंक फूड के बढ़ते सेवन को लेकर चिंता जताई है। डॉक्टर के मुताबिक करीब 100 में से 12 बच्चे जंक फूड की वजह से ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी समस्याओं से प्रभावित हो रहे हैं। इनमें 7 से 8 साल की उम्र के बच्चे भी शामिल हैं।
ज्यादा तेल, शुगर और आर्टिफिशियल कलर नुकसानदायक
डॉ. मकवाना के अनुसार जंक फूड में जरूरत से ज्यादा तेल, शुगर और अन्य एडिबल कंटेंट के साथ अतिरिक्त रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। कई खाद्य उत्पादों को अल्ट्रा प्रोसेस्ड प्रक्रिया से भी गुजारा जाता है।प्रोसेसिंग और इनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री के कारण ऐसे भोजन की पोषण संबंधी गुणवत्ता कम हो जाती है। हालांकि स्वाद बढ़ने के कारण बच्चे इसे ज्यादा पसंद करते हैं और बार-बार खाने की मांग करते हैं।
मोटापा और ब्लड प्रेशर का बढ़ रहा खतरा
जंक फूड के लगातार सेवन से बच्चों में मोटापे की समस्या बढ़ सकती है। शरीर में फैट की मात्रा बढ़ने के साथ ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ता है।डॉक्टर का कहना है कि कम उम्र में इन समस्याओं का सामने आना बच्चों की सेहत के लिए चिंता का विषय है। बच्चों के भोजन में पोषण की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।
बच्चों की ग्रोथ पर भी पड़ सकता है असर
जंक फूड में इस्तेमाल होने वाले कुछ केमिकल और आर्टिफिशियल कलर बच्चों की सामान्य ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं। डॉक्टर के अनुसार ऐसे खाद्य पदार्थों का ज्यादा सेवन बच्चों के शारीरिक विकास के लिए नुकसानदायक हो सकता है।उन्होंने बताया कि कुछ बच्चों में ग्लूटेन एलर्जी जैसी समस्याएं भी देखने को मिल रही हैं। इसके अलावा जंक फूड में मौजूद कुछ रासायनिक तत्वों को हड्डियों की ग्रोथ और शरीर की अन्य प्रक्रियाओं पर असर से भी जोड़ा गया है।
स्वाद के लिए पोषण से समझौता न करें
जंक फूड बच्चों को स्वादिष्ट जरूर लगता है, लेकिन इसमें पोषण की कमी और ज्यादा प्रोसेसिंग चिंता का विषय है। लगातार ऐसे भोजन पर निर्भर रहने से बच्चों की डाइट असंतुलित हो सकती है।विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों के भोजन में ताजे फल, सब्जियां, दालें, दूध और घर का पौष्टिक खाना शामिल करना जरूरी है। बाजार के पैकेज्ड और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना बच्चों की सेहत के लिए बेहतर हो सकता है।
