राजस्थान की स्कूलों में अब जज भी लेंगे क्लास, छात्रों को मिलेगी कानूनी शिक्षा
Rajasthan की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा और अनोखा बदलाव देखने को मिलने जा रहा है। अब स्कूलों में केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि जज भी छात्रों को पढ़ाते नजर आएंगे। यह पहल “एम्पावरिंग राजस्थान यूथ: ए लीगल लिटरेसी इनिशिएटिव-2026” योजना के तहत शुरू की जा रही है, जिसका उद्देश्य छात्रों में कानूनी जागरूकता बढ़ाना है।
इस योजना के जरिए स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को कानून से जुड़ी बुनियादी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर तरीके से समझ सकें। इसके तहत न्यायिक अधिकारी समय-समय पर स्कूलों में जाकर छात्रों से संवाद करेंगे और उन्हें विभिन्न कानूनी विषयों पर जानकारी देंगे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का मकसद युवाओं को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। अक्सर देखा जाता है कि आम लोगों को कानून की जानकारी नहीं होने के कारण वे अपने अधिकारों का सही उपयोग नहीं कर पाते। ऐसे में स्कूल स्तर पर ही कानूनी शिक्षा देने से यह कमी दूर करने की कोशिश की जाएगी।
जजों द्वारा ली जाने वाली इन क्लासेस में छात्रों को संविधान, मौलिक अधिकार, साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा कानून, बाल अधिकार और ट्रैफिक नियम जैसे महत्वपूर्ण विषयों के बारे में बताया जाएगा। साथ ही, छात्रों को यह भी समझाया जाएगा कि वे किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में क्या कदम उठा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल छात्रों के समग्र विकास में मददगार साबित हो सकती है। इससे न केवल उनकी कानूनी समझ बढ़ेगी, बल्कि वे समाज के प्रति अधिक जागरूक और जिम्मेदार भी बनेंगे।
इस कार्यक्रम के तहत इंटरैक्टिव सेशन, क्विज और चर्चा जैसे गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि छात्र रुचि के साथ इन विषयों को सीख सकें। इसके अलावा, स्कूलों में लीगल अवेयरनेस कैंप और वर्कशॉप्स भी आयोजित की जाएंगी।
फिलहाल, इस योजना को लेकर शिक्षा जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह पहल छात्रों के ज्ञान और सोच पर कितना प्रभाव डालती है।
