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चिड़ावा में 15 हजार की रिश्वत लेते जेईएन गिरफ्तार, वीडियो में जाने कृषि कनेक्शन की बिजली लाइन बदलने के बदले मांगे थे रुपए

चिड़ावा में 15 हजार की रिश्वत लेते जेईएन गिरफ्तार, वीडियो में जाने कृषि कनेक्शन की बिजली लाइन बदलने के बदले मांगे थे रुपए
 
चिड़ावा में 15 हजार की रिश्वत लेते जेईएन गिरफ्तार, वीडियो में जाने कृषि कनेक्शन की बिजली लाइन बदलने के बदले मांगे थे रुपए

झुंझुनूं जिले के चिड़ावा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी ने बिजली विभाग की जेईएन दीपिका को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि जेईएन ने कृषि कनेक्शन की बिजली लाइन बदलने के काम के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले मामले का सत्यापन कराया और शिकायत सही पाए जाने पर सोमवार को कार्रवाई की।

एसीबी के एडिशनल एसपी नरेंद्र पूनिया के अनुसार, एक परिवादी ने एसीबी झुंझुनूं कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके परिचित के कृषि कनेक्शन की बिजली लाइन बदलवाने के एवज में बिजली विभाग की जेईएन दीपिका की ओर से रिश्वत की मांग की जा रही है।शिकायत प्राप्त होने के बाद एसीबी टीम ने मामले का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई गई। इसके बाद सोमवार को एसआई सुरेश चंद के नेतृत्व में एसीबी टीम चिड़ावा पहुंची।

बताया गया कि एसीबी की टीम ने चिड़ावा स्थित बिजली विभाग के कार्यालय में कार्रवाई को अंजाम दिया। इसी दौरान जेईएन दीपिका को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।कार्रवाई के बाद एसीबी अधिकारियों ने जेईएन से पूछताछ शुरू कर दी है। टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत मांगने और लेने के मामले में किसी अन्य कर्मचारी या व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। एसीबी की जांच के दौरान बिजली विभाग से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार जेईएन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ट्रैप की पूरी प्रक्रिया और बरामद रकम से जुड़े साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में भी हड़कंप की स्थिति है। एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कृषि कनेक्शन की लाइन बदलने की प्रक्रिया में रिश्वत की मांग केवल इसी मामले तक सीमित थी या इसके पीछे कोई और व्यक्ति भी शामिल था। मामले में आगे की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।