JDU ने अपने ही सांसद के खिलाफ उठाया बड़ा कदम, लोकसभा सदस्यता रद्द करने की मांग
बिहार की सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने ही एक सांसद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए लोकसभा स्पीकर से उनकी सदस्यता निरस्त करने की मांग की है। इस कदम के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में जनता दल (यूनाइटेड) के संसदीय दल के नेता दिलेश्वर कामैत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक औपचारिक नोटिस सौंपा है। इस नोटिस में पार्टी के सांसद गिरधारी यादव को कथित रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों के आधार पर अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।
जानकारी के मुताबिक, जेडीयू का आरोप है कि सांसद गिरधारी यादव लगातार पार्टी लाइन से हटकर बयान और गतिविधियां कर रहे थे, जिससे संगठन की छवि और अनुशासन पर असर पड़ रहा है। इसी आधार पर पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में दलगत अनुशासन बेहद जरूरी है और जनप्रतिनिधियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे पार्टी के निर्णयों और नीतियों के अनुरूप कार्य करें। वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा सचिवालय अब इस नोटिस की जांच करेगा और संवैधानिक प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। यदि मामला गंभीर पाया जाता है, तो इसे स्पीकर के समक्ष सुनवाई के लिए रखा जा सकता है।
इस घटनाक्रम को जेडीयू के भीतर आंतरिक मतभेद के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने इस मुद्दे पर फिलहाल सार्वजनिक बयान देने से परहेज किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर पार्टी अनुशासन और संसद में प्रतिनिधित्व से जुड़ा हुआ है।
