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Jawai Dam Water Flow 52 Days: 52 दिनों तक लगातार बहता रहा जवाई बांध, आज भी लोगों के लिए बना हुआ है रहस्य

Jawai Dam Water Flow 52 Days: 52 दिनों तक लगातार बहता रहा जवाई बांध, आज भी लोगों के लिए बना हुआ है रहस्य
 
Jawai Dam Water Flow 52 Days: 52 दिनों तक लगातार बहता रहा जवाई बांध, आज भी लोगों के लिए बना हुआ है रहस्य

राजस्थान के पाली जिले में स्थित जवाई बांध सिर्फ पानी का एक विशाल स्रोत नहीं है, बल्कि यह अपने इतिहास, प्राकृतिक सुंदरता और अनोखी घटनाओं के कारण आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अरावली की पहाड़ियों के बीच बना यह बांध कई दशकों से राजस्थान के लोगों की प्यास बुझाने के साथ-साथ कई रहस्यों और कहानियों को भी अपने अंदर समेटे हुए है। इनमें सबसे चर्चित घटना है जब यह बांध लगातार 52 दिनों तक छलकता रहा था।

महाराजा के सपने से बना था जवाई बांध

जवाई बांध का निर्माण जोधपुर रियासत के महाराजा उम्मेद सिंह के शासनकाल में कराया गया था। इस बांध का निर्माण वर्ष 1946 में शुरू हुआ और करीब 1957 में यह बनकर तैयार हुआ। उस समय इसका उद्देश्य क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की समस्या को दूर करना था।कहा जाता है कि उस दौर में पानी की कमी से जूझ रहे मारवाड़ क्षेत्र के लिए यह बांध किसी वरदान से कम नहीं था। हजारों मजदूरों की मेहनत और वर्षों के प्रयास के बाद तैयार हुआ यह बांध आज भी राजस्थान की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में शामिल है।

52 दिन तक लगातार बहता रहा पानी

जवाई बांध के इतिहास में एक ऐसा समय भी आया जब यह लगातार 52 दिनों तक ओवरफ्लो होता रहा। भारी बारिश के कारण बांध में पानी की आवक इतनी अधिक हो गई थी कि इसके गेट खोलने पड़े और लंबे समय तक पानी का बहाव जारी रहा।स्थानीय लोगों के अनुसार, उस समय बांध से निकलने वाले पानी का नजारा बेहद अद्भुत था। दूर-दूर से लोग इस दृश्य को देखने पहुंचते थे। कई लोगों के लिए यह किसी प्राकृतिक चमत्कार से कम नहीं था, क्योंकि रेगिस्तानी इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में पानी का बहना अपने आप में एक अनोखी घटना थी।

आज भी चर्चा में है जवाई बांध का रहस्य

जवाई बांध को लेकर कई लोककथाएं भी प्रचलित हैं। कहा जाता है कि बांध निर्माण के समय यहां की पहाड़ियों और प्राकृतिक संरचना को ध्यान में रखते हुए ऐसी योजना बनाई गई थी, जिससे पानी लंबे समय तक संरक्षित रह सके।इसके अलावा बांध क्षेत्र में रहने वाले मगरमच्छ भी इसकी पहचान बन चुके हैं। जवाई क्षेत्र को मगरमच्छों के प्राकृतिक आवास के रूप में जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक वन्यजीवन और खूबसूरत नजारों को देखने पहुंचते हैं।

पर्यटन का बड़ा केंद्र बन चुका है जवाई

आज जवाई बांध राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो चुका है। मानसून के दौरान जब बांध लबालब भर जाता है और पानी छलकने लगता है, तो यहां का दृश्य बेहद मनमोहक हो जाता है। अरावली की पहाड़ियों, झील जैसे जल क्षेत्र और वन्यजीवों का संगम इसे खास बनाता है।राजा-महाराजाओं के दौर में शुरू हुई यह जल विरासत आज भी लोगों को आकर्षित कर रही है। 52 दिनों तक लगातार बहने वाली पानी की वह घटना जवाई बांध के इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिसकी चर्चा आज भी लोगों के बीच किसी रहस्य से कम नहीं है।