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जालोर: कड़ाके की ठंड में महिला साधु की जलधारा तपस्या, भक्ति और आत्मशक्ति का अद्भुत नजारा

जालोर: कड़ाके की ठंड में महिला साधु की जलधारा तपस्या, भक्ति और आत्मशक्ति का अद्भुत नजारा
 
जालोर: कड़ाके की ठंड में महिला साधु की जलधारा तपस्या, भक्ति और आत्मशक्ति का अद्भुत नजारा

राजस्थान इन दिनों कड़ाके की सर्दी की चपेट में है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान शून्य डिग्री के करीब पहुंच गया है, और लोग गर्म कपड़े और अलाव का सहारा लेकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में जालोर जिले के भीनमाल से एक ऐसा दृश्य सामने आया है, जिसने लोगों के होश उड़ा दिए।

भीनमाल स्थित श्री महाकालेश्वर धाम में महिला साधु राधागिरि महाराज ने शून्य डिग्री के आसपास के तापमान में जलधारा तपस्या शुरू कर दी। ठंड के बावजूद साधु ने अपनी तपस्या को जारी रखा और जल के नीचे खड़े होकर भक्ति और आत्मशक्ति का अद्भुत उदाहरण पेश किया।

स्थानीय लोगों और भक्तों ने इस दृश्य को देखकर भक्ति और साहस का मिश्रण कहा। उन्होंने बताया कि राधागिरि महाराज की तपस्या न केवल उनके अडिग समर्पण को दर्शाती है, बल्कि लोगों को धैर्य और मानसिक शक्ति के महत्व की याद भी दिलाती है। कई भक्त सुबह-सुबह धाम पहुंचकर साधु की तपस्या देखकर प्रेरित हुए।

धाम के पुजारी ने कहा कि यह तपस्या आध्यात्मिक अनुशासन और मानसिक शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि साधु का यह समर्पण भक्तों को भी संयम और भक्ति का पाठ पढ़ाता है। उन्होंने कहा कि ठंड के बावजूद साधु का यह कदम लोगों के लिए प्रेरणा और श्रद्धा का संदेश है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की जलधारा तपस्या में साधु का शरीर और मन दोनों अत्यधिक संयम में रहते हैं। ठंड और कम तापमान के बावजूद यह तपस्या साधक की आंतरिक शक्ति और आत्मनियंत्रण को प्रदर्शित करती है।