Aapka Rajasthan

जल जीवन मिशन घोटाला, वीडियो में जानें पूर्व मंत्री महेश जोशी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस को मंजूरी, चलेगा मुकदमा

जल जीवन मिशन घोटाला, वीडियो में जानें पूर्व मंत्री महेश जोशी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस को मंजूरी, चलेगा मुकदमा
 
जल जीवन मिशन घोटाला, वीडियो में जानें पूर्व मंत्री महेश जोशी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस को मंजूरी, चलेगा मुकदमा

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आया है। पूर्व जलदाय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेश जोशी के खिलाफ जल जीवन मिशन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब मुकदमा चलेगा। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत महेश जोशी के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी दे दी है। शुरुआती जांच में अपराध प्रमाणित होने के आधार पर यह स्वीकृति प्रदान की गई है।

लोकभवन से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने इस मामले से जुड़े तथ्यों और मनी लॉन्ड्रिंग की धाराओं के तहत बनने वाले सभी प्रॉसीक्यूशन के लिए कोर्ट में मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। कानूनी प्रावधानों के अनुसार, जब किसी पूर्व मंत्री या संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति के खिलाफ इस तरह का मामला दर्ज होता है, तो अभियोजन से पहले राज्यपाल की स्वीकृति आवश्यक होती है। अब इस मंजूरी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और जांच एजेंसियों के लिए अदालत में कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

जल जीवन मिशन घोटाला राजस्थान की पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान सामने आया था। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से जल पहुंचाना था, लेकिन आरोप है कि इस महत्वाकांक्षी योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ। जांच एजेंसियों का दावा है कि योजना से जुड़े ठेकों और भुगतान प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और अवैध तरीके से धन का लेन-देन किया गया। इसी संदर्भ में महेश जोशी का नाम सामने आया, जिन पर घोटाले की राशि को इधर-उधर करने और मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त होने के आरोप लगाए गए हैं।

प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह सामने आया कि कथित तौर पर जल जीवन मिशन से जुड़े कुछ ठेकेदारों और कंपनियों के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन किया गया। ईडी ने पहले भी इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी और दस्तावेज व डिजिटल सबूत जब्त किए थे। अब राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद एजेंसी अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सकती है और ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इस फैसले के बाद सियासी हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल भाजपा ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। वहीं कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि वे कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे और सच सामने आएगा।

महेश जोशी इससे पहले भी इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते रहे हैं। लेकिन अब अभियोजन की स्वीकृति मिलने के बाद उनके लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले की सुनवाई शुरू होने की संभावना है, जिस पर न सिर्फ राजस्थान बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सबकी नजरें टिकी रहेंगी। यह मामला आने वाले समय में राज्य की राजनीति को और गरमा सकता है।