दिन में चमकती, रात में बनती जानलेवा: जैसलमेर–पोकरण राष्ट्रीय राजमार्ग 11 पर बढ़ा खतरा
दिन के उजाले में कांच की तरह चमकती और सरपट दौड़ती सड़कें जहां यात्रियों को सुगम और सुकूनभरा सफर कराती हैं, वहीं रात ढलते ही यही सड़कें डर, अनिश्चितता और जानलेवा खतरे में बदल जाती हैं। जैसलमेर से पोकरण को जोड़ने वाला करीब 110 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 अब रात के समय सबसे असुरक्षित मार्गों में शुमार होने लगा है। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और यात्रियों में भय का माहौल बना रहता है।
दिन के समय इस हाईवे पर यातायात सामान्य और सुचारू रहता है। पर्यटक, स्थानीय लोग और भारी वाहन आसानी से सफर तय करते हैं। लेकिन जैसे ही अंधेरा छाता है, हालात बदल जाते हैं। अपर्याप्त रोशनी, सुनसान रास्ते, वन्यजीवों की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते यह मार्ग हादसों का कारण बन रहा है।
स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि रात के समय सड़क पर कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है, जिससे दृश्यता कम हो जाती है। कई बार अचानक पशु या जंगली जीव सड़क पर आ जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। तेज रफ्तार वाहन और अंधे मोड़ भी परेशानी को और बढ़ाते हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, बीते कुछ समय में इस मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में इजाफा हुआ है। देर रात वाहन खराब होने या आपात स्थिति में मदद मिलने में भी कठिनाई आती है, क्योंकि आसपास आबादी कम है। कई यात्रियों ने बताया कि नेटवर्क समस्या के कारण मोबाइल से संपर्क करना भी मुश्किल हो जाता है।
परिवहन से जुड़े लोगों ने बताया कि भारी ट्रकों और लंबी दूरी की बसों का संचालन भी रात में जारी रहता है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत और पेट्रोलिंग की कमी के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ऐसे में चालक लगातार तनाव में वाहन चलाने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से हाईवे पर रोशनी की बेहतर व्यवस्था, नियमित पुलिस गश्त, आपातकालीन हेल्पलाइन और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह मार्ग पर्यटन और व्यापार की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
प्रशासन का कहना है कि मार्ग की सुरक्षा को लेकर संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है और जल्द ही आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, जब तक ठोस व्यवस्था नहीं होती, तब तक यात्रियों के लिए यह हाईवे रात में खतरे से खाली नहीं है।
स्पष्ट है कि विकास की चमक तभी सार्थक है, जब वह सुरक्षित भी हो। जैसलमेर–पोकरण राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा उपायों की दरकार अब बेहद जरूरी हो चुकी है, ताकि यह सड़क सफर को आसान बनाए, खौफनाक नहीं।
