जैसलमेर एयरपोर्ट पर फिर छाई वीरानी, छह महीनों तक नहीं मिलेगी नियमित हवाई सेवा
पर्यटन नगरी के रूप में देश-विदेश में पहचान रखने वाले सीमावर्ती जैसलमेर के सिविल एयरपोर्ट पर एक बार फिर सन्नाटा पसर गया है। पिछले अक्टूबर से लेकर 28 मार्च तक करीब छह महीनों में 2.40 लाख यात्रियों की आवाजाही दर्ज होने के बावजूद अब आगामी छह महीनों तक यहां से कोई भी नियमित हवाई सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी। इससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, जैसलमेर एयरपोर्ट पर हर साल पर्यटन सीजन के दौरान ही नियमित उड़ानें संचालित होती हैं, जबकि ऑफ-सीजन में सेवाएं बंद कर दी जाती हैं। इसी क्रम में अब मार्च के अंत के साथ ही फ्लाइट संचालन पर विराम लग गया है। यह स्थिति हर वर्ष देखने को मिलती है, लेकिन इस बार यात्रियों की रिकॉर्ड संख्या के बावजूद सेवाओं का बंद होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार सीजन के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक जैसलमेर पहुंचे, जिससे होटल, ट्रैवल एजेंसियों और स्थानीय व्यापारियों को अच्छा कारोबार मिला। ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि हवाई सेवाओं की अवधि बढ़ाई जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं होने से निराशा का माहौल है।
स्थानीय व्यापारियों और होटल संचालकों का मानना है कि अगर सालभर नियमित हवाई सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं, तो जैसलमेर में पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिल सकता है। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
वहीं, आम यात्रियों को भी इस निर्णय से परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अब उन्हें जैसलमेर आने-जाने के लिए सड़क या रेल मार्ग का सहारा लेना होगा, जिससे यात्रा में अधिक समय लगेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसलमेर जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के लिए वर्षभर हवाई सेवा का होना जरूरी है। इससे न केवल पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।
फिलहाल, जैसलमेर एयरपोर्ट पर उड़ानों के बंद होने से एक बार फिर वीरानी का माहौल है। अब सभी की नजर आगामी पर्यटन सीजन पर टिकी है, जब एक बार फिर यहां उड़ानों का संचालन शुरू होगा और एयरपोर्ट पर रौनक लौटेगी।
