जयपुर का वैक्स म्यूजियम अब ‘हिस्टॉरिका’ के नाम से जाना जाएगा, वीडियो में जाने इतिहास, कला और सिनेमा के मिलेंगे नए अनुभव
नाहरगढ़ किले में स्थित जयपुर वैक्स म्यूजियम अब नए नाम और नए कलेवर में पर्यटकों के सामने आएगा। म्यूजियम को अब ‘हिस्टॉरिका-स्टेप इनटू हिस्ट्री’ के नाम से पहचाना जाएगा। इस बदलाव के साथ यहां आने वाले पर्यटकों को केवल मोम से बनी मशहूर हस्तियों और ऐतिहासिक किरदारों की प्रतिमाएं देखने तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि इतिहास, कला, सिनेमा और स्थापत्य से जुड़े नए अनुभव भी मिल सकेंगे। म्यूजियम प्रबंधन ने पर्यटकों की बदलती पसंद और उनकी अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए इसके विस्तार और प्रस्तुति में बदलाव करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य इतिहास को अधिक रोचक और अनुभवात्मक तरीके से लोगों तक पहुंचाना है, ताकि पर्यटक ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को देखने के साथ उनसे जुड़ी कहानियों और घटनाओं को भी बेहतर ढंग से समझ सकें।
10 साल की मेहनत को नया विस्तार
हिस्टॉरिका के फाउंडर अनूप श्रीवास्तव के मुताबिक, नाम और स्वरूप में बदलाव का उद्देश्य म्यूजियम की पहचान को व्यापक बनाना और पर्यटकों को बेहतर अनुभव देना है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में वैक्स म्यूजियम को विकसित करने के लिए काफी मेहनत की गई है। अब इस अनुभव और पहचान को बरकरार रखते हुए इसे नए स्वरूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।उनके अनुसार, शहर में कई नए वैक्स म्यूजियम खुलने के बाद इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। ऐसे में केवल मोम की प्रतिमाएं प्रदर्शित करने के बजाय पर्यटकों को विविध और गुणवत्तापूर्ण अनुभव देना जरूरी हो गया है।
प्रतिमाओं के साथ मिलेंगे नए विजुअल अनुभव
नए स्वरूप में हिस्टॉरिका में वैक्स स्टेच्यू के अलावा अन्य दृश्य और कलात्मक प्रस्तुतियों पर भी ध्यान दिया जाएगा। यहां इतिहास से जुड़े प्रसंगों, कला और स्थापत्य की विशेषताओं को अधिक आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने की योजना है।म्यूजियम प्रबंधन का मानना है कि आज के पर्यटक केवल किसी जगह को देखकर लौटना नहीं चाहते, बल्कि उसके पीछे की कहानी जानना और यादगार अनुभव हासिल करना भी चाहते हैं। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए म्यूजियम की प्रस्तुति को नया रूप दिया जा रहा है।
वैक्स प्रतिमाओं की गुणवत्ता पर भी जोर
अनूप श्रीवास्तव ने वैक्स म्यूजियम के क्षेत्र में प्रतिमाओं की गुणवत्ता और तकनीकी प्रस्तुति को महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि कुछ जगहों पर बाहर से लाई गई प्रतिमाओं की गुणवत्ता और प्रस्तुति पर्यटकों की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं होती। ऐसे में लंबे समय से तैयार की गई अपनी पहचान और गुणवत्ता को बनाए रखना जरूरी है।हालांकि, नए नाम के साथ सभी बदलावों का अंतिम स्वरूप और नई सुविधाओं की पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही पर्यटक अनुभव में हुए बदलावों का आकलन किया जा सकेगा।
नाहरगढ़ आने वाले पर्यटकों के लिए नया आकर्षण
नाहरगढ़ किला पहले से ही जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां से शहर का खूबसूरत नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में हिस्टॉरिका का नया स्वरूप किले की यात्रा को और अधिक रोचक बनाने की क्षमता रखता है।म्यूजियम प्रबंधन की पहल का मकसद इतिहास, कला और मनोरंजन को एक साथ जोड़ना है। इससे पर्यटकों को जयपुर की ऐतिहासिक विरासत को नए नजरिए से देखने का अवसर मिल सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नया नाम और बदली हुई प्रस्तुति पर्यटकों को कितना आकर्षित करती है।
