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जयपुर के बड़े स्टोरों पर पैकिंग में गड़बड़ी का आरोप, DMB और SOLOW Mart समेत कई दुकानों के फूड प्रोडक्ट्स में निकला कम वजन

जयपुर के बड़े स्टोरों पर पैकिंग में गड़बड़ी का आरोप, DMB और SOLOW Mart समेत कई दुकानों के फूड प्रोडक्ट्स में निकला कम वजन
 
जयपुर के बड़े स्टोरों पर पैकिंग में गड़बड़ी का आरोप, DMB और SOLOW Mart समेत कई दुकानों के फूड प्रोडक्ट्स में निकला कम वजन

राजधानी जयपुर में पैक्ड फूड प्रोडक्ट्स की बिक्री को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के चर्चित दूध मिष्ठान भंडार (DMB), SOLOW Mart समेत कई नामी स्टोरों पर बिक रहे पैक्ड खाद्य उत्पादों में कम वजन मिलने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि पैकेट पर जितना वजन अंकित है, वास्तविकता में उसके मुकाबले उत्पाद कम निकला। इस खुलासे के बाद उपभोक्ताओं के बीच चिंता बढ़ गई है और पैक्ड खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान कई पैक्ड फूड आइटम का वजन इलेक्ट्रॉनिक मशीन से किया गया। इसमें कुछ उत्पादों का वास्तविक वजन पैकेट पर लिखे गए वजन से कम पाया गया। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा से कम सामान दिया जा रहा है।

उपभोक्ता अधिकारों के जानकारों का कहना है कि यदि किसी पैक्ड उत्पाद में घोषित वजन से कम सामग्री पाई जाती है, तो यह कानूनी मानकों का उल्लंघन माना जा सकता है। पैकिंग पर अंकित वजन, निर्माण तिथि, अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) और अन्य जानकारियां उपभोक्ताओं को सही और पारदर्शी रूप से उपलब्ध कराना निर्माता और विक्रेता की जिम्मेदारी होती है।

इस मामले के सामने आने के बाद संबंधित विभाग से जांच की मांग उठने लगी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कंपनियों या विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, इस मामले में संबंधित स्टोरों या ब्रांड्स की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को पैक्ड सामान खरीदते समय केवल ब्रांड नाम पर भरोसा करने के बजाय पैकेजिंग, वजन और अन्य विवरणों की भी जांच करनी चाहिए। यदि किसी उत्पाद में कम वजन या अन्य अनियमितता मिले तो इसकी शिकायत संबंधित विभाग या उपभोक्ता हेल्पलाइन पर की जा सकती है।

इस घटना ने एक बार फिर पैक्ड खाद्य उत्पादों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि बाजार में बिकने वाले पैक्ड उत्पादों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा की जा सके और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर समय रहते कार्रवाई हो सके।

फिलहाल संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच की प्रतीक्षा की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कम वजन की वजह पैकेजिंग प्रक्रिया में तकनीकी त्रुटि थी या फिर किसी प्रकार की अनियमितता।