जयपुर के विद्याधर का बाग में शादी-समारोह और पार्टियों पर रोक, वीडियो में हाईकोर्ट ने पूछा- रिजर्व फॉरेस्ट में रेस्टोरेंट की अनुमति कैसे दी?
राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर स्थित ऐतिहासिक विद्याधर का बाग में शादी-समारोह, पार्टियों और सभी तरह की व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने माना कि देर रात तक तेज म्यूजिक, लेजर लाइट और आतिशबाजी से संरक्षित वन्यजीवों को परेशानी होती है। ऐसे में वन क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती।मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने सोमवार को सिटिजन्स प्रोटेक्शन सोसायटी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने वन विभाग से यह भी सवाल किया कि रिजर्व फॉरेस्ट एरिया में स्थित विद्याधर का बाग में रेस्टोरेंट संचालन की अनुमति किस आधार पर दी गई।
वन विभाग से पूछा- किस आधार पर जारी किया टेंडर?
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने वन विभाग से पूछा कि जब विद्याधर का बाग संरक्षित वन क्षेत्र में आता है और यह वन्यजीवों का इलाका है, तो यहां व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देने के लिए टेंडर किस आधार पर जारी किया गया? कोर्ट ने विभाग से रेस्टोरेंट संचालन की अनुमति से जुड़े आधार और प्रक्रिया पर जवाब मांगा है।खंडपीठ ने संबंधित अधिकारी को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के संरक्षण वाले क्षेत्र में ऐसी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए, जिनसे वहां रहने वाले जीवों को नुकसान या परेशानी हो।
तेज म्यूजिक और आतिशबाजी से वन्यजीवों को परेशानी
जनहित याचिका में विद्याधर का बाग में होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए गए थे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने देर रात तक चलने वाले तेज संगीत, लेजर लाइट और आतिशबाजी के प्रभाव पर चिंता जताई। अदालत का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों से संरक्षित वन्यजीव प्रभावित होते हैं।इसी को देखते हुए हाईकोर्ट ने बाग में शादी-समारोह, पार्टियों और अन्य सभी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। अब वन विभाग को यह स्पष्ट करना होगा कि रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में रेस्टोरेंट संचालन की अनुमति किन नियमों और प्रावधानों के तहत दी गई थी।मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी। उस दिन संबंधित अधिकारी को अदालत में उपस्थित होकर वन विभाग की ओर से जवाब देना होगा।
