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Jaipur Serial Blast Case: सुप्रीम कोर्ट ने दो दोषियों की जमानत याचिका खारिज की, कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला

Jaipur Serial Blast Case: सुप्रीम कोर्ट ने दो दोषियों की जमानत याचिका खारिज की, कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला
 
Jaipur Serial Blast Case: सुप्रीम कोर्ट ने दो दोषियों की जमानत याचिका खारिज की, कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला

जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट मामले में जिंदा बम मिलने के केस में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दोषी मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद की जमानत याचिका खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना वी. वराले की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि जयपुर ब्लास्ट जैसे मामले को सामान्य अपराध की तरह नहीं देखा जा सकता।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और आम लोगों की जिंदगी को खतरे में डालने से जुड़ा है। ऐसे मामलों में जमानत पर फैसला करते समय गंभीरता को ध्यान में रखना जरूरी है।

कोर्ट ने कहा- सामान्य जमानत मामला नहीं

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जयपुर सीरियल ब्लास्ट कोई साधारण घटना नहीं थी। इसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान खतरे में पड़ी थी और यह समाज की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

बेंच ने कहा कि ऐसे मामलों में अदालत को अपराध की गंभीरता और उसके व्यापक प्रभाव को देखते हुए फैसला लेना होता है।

आरोपियों ने दी थी यह दलील

जमानत याचिका में आरोपियों की ओर से दलील दी गई थी कि उन्हें ब्लास्ट से जुड़े 8 मामलों में हाईकोर्ट पहले ही बरी कर चुका है।

आरोपियों के वकील ने कहा कि सभी नौ बम एक ही साजिश का हिस्सा बताए गए थे। ऐसे में जब आठ मामलों में उन्हें दोषी नहीं माना गया है तो जिंदा बम मिलने वाले मामले में भी उन्हें राहत दी जानी चाहिए।

जिंदा बम मिलने के मामले में दोषी

जयपुर सीरियल ब्लास्ट मामले में कुल नौ बम प्लांट किए गए थे। इनमें से आठ जगहों पर धमाके हुए थे, जबकि एक जिंदा बम बरामद किया गया था। इसी जिंदा बम मिलने के मामले में मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद दोषी ठहराए गए थे।

आरोपियों की ओर से इसी मामले में जमानत की मांग की गई थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

जयपुर ब्लास्ट देश के बड़े आतंकी हमलों में शामिल

जयपुर में वर्ष 2008 में हुए सीरियल बम धमाकों ने पूरे देश को झकझोर दिया था। शहर के कई प्रमुख इलाकों में हुए इन धमाकों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे।

मामले की जांच के बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया में अलग-अलग अदालतों में सुनवाई हुई।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब जिंदा बम मामले में दोषी मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।