जयपुर: भ्रामक विज्ञापन के मामले में सलमान खान को जिला उपभोक्ता आयोग ने 6 फरवरी को तलब किया
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका कोई फिल्म प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भ्रामक विज्ञापन पर रोक के बावजूद प्रचार-प्रसार करने का मामला है। जयपुर शहर के जिला उपभोक्ता आयोग क्रम-2 ने अभिनेता को 6 फरवरी को जमानती वारंट के माध्यम से तलब किया है।
आयोग के अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीना ने यह आदेश योगेन्द्र सिंह द्वारा प्रस्तुत अवमानना प्रार्थना पत्र के आधार पर जारी किया। प्रार्थना पत्र में दावा किया गया था कि सलमान खान ने उन विज्ञापनों का प्रचार जारी रखा, जिन पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी थी। आयोग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर के पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए कि 10 हजार रुपए का जमानती वारंट तामील कराया जाए।
यह मामला उपभोक्ताओं के अधिकार और विज्ञापन में पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है। आयोग ने पहले भी कई मामलों में स्पष्ट किया था कि यदि किसी उत्पाद या सेवा का प्रचार भ्रामक या उपभोक्ता को भ्रमित करने वाला हो, तो संबंधित व्यक्ति या कंपनी पर कार्रवाई की जा सकती है। सलमान खान के खिलाफ यह कार्रवाई इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है।
जिला उपभोक्ता आयोग ने कहा कि अवमानना प्रार्थना पत्र में जो आरोप लगाए गए हैं, उनकी गंभीरता को देखते हुए, सुनवाई की तारीख तय करते हुए जमानती वारंट जारी किया गया। सलमान खान या उनके कानूनी प्रतिनिधि को 6 फरवरी को आयोग में हाजिर होना होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला यह संदेश देता है कि कोई भी प्रतिष्ठित हस्ती या बड़े ब्रांड एंबेसडर भी उपभोक्ता संरक्षण कानून से बाहर नहीं है। भ्रामक विज्ञापन न केवल उपभोक्ताओं को भ्रमित करता है, बल्कि बाजार में अनुचित प्रतिस्पर्धा भी पैदा करता है। ऐसे मामलों में उपभोक्ता आयोग की कार्रवाई अहम होती है ताकि आम जनता के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
इससे पहले भी कई बार बॉलीवुड हस्तियों और बड़े ब्रांडों के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। आयोग का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति या कंपनी ने आदेशों की अवहेलना की है, तो सख्त कदम उठाना जरूरी है।
जयपुर पुलिस कमिश्नर ने आदेश मिलने के बाद बताया कि जमानती वारंट के तहत सलमान खान के कानूनी प्रतिनिधियों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि आयोग द्वारा निर्धारित सुनवाई के दिन आरोपी या उनके प्रतिनिधि हाजिर हों।
उपभोक्ता अधिकारों और भ्रामक विज्ञापनों को लेकर आम जनता में यह मामला काफी चर्चा में है। सोशल मीडिया पर भी लोग अपने-अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं और कई लोग सलमान खान के लिए कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, कुछ फैंस इसे मामूली मामला मानकर हल्का नजरिया रख रहे हैं।
इस मामले की सुनवाई 6 फरवरी को तय की गई है और तब यह स्पष्ट होगा कि आयोग आगे क्या कार्रवाई करता है। यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि चाहे आप बड़े अभिनेता हों या कोई प्रतिष्ठित ब्रांड हों, उपभोक्ता संरक्षण कानून सब पर समान रूप से लागू होता है।
