जयपुर पुलिस का ‘म्यूल हंटर’ ऑपरेशन सफल, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे 5 साइबर अपराधी गिरफ्तार; 1 करोड़ के मोबाइल ब्लॉक, करोड़ों की ठगी रोकी
जयपुर वेस्ट पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘म्यूल हंटर’ ऑपरेशन के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल की तकनीकी सहायता से की गई इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी पर रोक लगाने के साथ ही साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए बड़ी संख्या में मोबाइल फोन भी ब्लॉक किए गए हैं।
डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया कि ऑपरेशन के तहत बिंदायका, खोरा बिसल और करधनी थाना क्षेत्रों में दर्ज चार अलग-अलग मामलों में पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मई और जून के दौरान साइबर ठगों द्वारा की गई लगभग 2.85 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की राशि को समय रहते होल्ड करा दिया गया। इससे पीड़ितों को बड़ा आर्थिक नुकसान होने से बचाया जा सका।
इसके अलावा साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 97 लाख रुपये की राशि पीड़ितों के बैंक खातों में वापस दिलवाई। पुलिस का कहना है कि साइबर फ्रॉड की शिकायत मिलने के तुरंत बाद कार्रवाई करने से राशि रिकवर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
215 खोए मोबाइल बरामद
पुलिस ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से 215 खोए हुए मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई है। सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को बुलाकर सौंप दिए गए।
300 से अधिक मोबाइल के IMEI नंबर ब्लॉक
साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 300 से अधिक मोबाइल फोन के IMEI नंबर ब्लॉक करवाए हैं। ये मोबाइल साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जाने की आशंका या पुष्टि के आधार पर ब्लॉक किए गए। अधिकारियों के अनुसार, ब्लॉक किए गए मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये है।
डीसीपी प्रशांत किरण ने लोगों से अपील की कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होती है, तो वे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कराने और वापस दिलाने की संभावना अधिक रहती है।
जयपुर वेस्ट पुलिस का यह अभियान साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी तकनीक की मदद से ऐसे अपराधियों के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।
