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जयपुर में पंचायत चुनाव आरक्षण की लॉटरी, वीडियो में जाने 22 में से 11 पंचायत समितियों में महिलाएं बनेंगी प्रधान

जयपुर में पंचायत चुनाव आरक्षण की लॉटरी, वीडियो में जाने 22 में से 11 पंचायत समितियों में महिलाएं बनेंगी प्रधान
 
जयपुर में पंचायत चुनाव आरक्षण की लॉटरी, वीडियो में जाने 22 में से 11 पंचायत समितियों में महिलाएं बनेंगी प्रधान

जयपुर जिले में पंचायत चुनाव को लेकर पंचायत समिति प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मंगलवार सुबह जयपुर कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर संदेश नायक की मौजूदगी में आरक्षण के लिए लॉटरी निकाली गई। लॉटरी के बाद जिले की 22 पंचायत समितियों में से 11 प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। यानी इस बार जयपुर जिले में कम से कम 11 महिलाएं पंचायत समिति प्रधान बनेंगी।आरक्षण की लॉटरी सुबह करीब सवा 10 बजे शुरू हुई। इस दौरान पंचायत समिति और जिला परिषद के अलग-अलग पदों के लिए आरक्षण की स्थिति तय की गई।


57 जिला परिषद वार्डों का आरक्षण तय

लॉटरी प्रक्रिया में सबसे पहले जयपुर जिला परिषद के 57 वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। इनमें अनुसूचित जाति यानी एससी के लिए 10 और अनुसूचित जनजाति यानी एसटी के लिए 8 सीटें पहले से निर्धारित थीं।वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के लिए आरक्षित किए जाने वाले 10 वार्डों का चयन पर्ची के जरिए लॉटरी निकालकर किया गया। इसके बाद जिला परिषद सदस्य पदों के लिए आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो गई।

22 पंचायत समितियों के 386 वार्डों का भी आरक्षण

जयपुर जिले की 22 पंचायत समितियों के कुल 386 वार्डों के लिए भी आरक्षण निर्धारित किया गया। इनमें से केवल 93 वार्ड सामान्य यानी ओपन रखे गए हैं। इन वार्डों से किसी भी वर्ग का उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है।वहीं, बाकी 293 वार्ड अलग-अलग श्रेणियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें एससी, एसटी, ओबीसी और महिला वर्ग के लिए आरक्षण शामिल है। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही पंचायत समिति सदस्य पदों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों के लिए भी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।

11 पंचायत समितियों में महिलाओं के लिए आरक्षित हुआ प्रधान पद

आरक्षण प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा पंचायत समिति प्रधान पदों का रहा। जयपुर जिले की कुल 22 पंचायत समितियों में से 11 प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। ऐसे में आगामी पंचायत चुनाव के बाद जिले में कम से कम 11 महिला प्रधान चुनी जाएंगी।आरक्षण तय होने के बाद अब संबंधित पंचायत समितियों में चुनावी समीकरण भी बदलेंगे। जिन पंचायत समितियों में प्रधान पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है, वहां राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों को उसी के अनुसार अपनी रणनीति तैयार करनी होगी।

चुनावी तैयारियों को मिली गति

आरक्षण की लॉटरी पूरी होने के बाद जयपुर जिले में पंचायत चुनाव की तैयारियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। पंचायत समिति सदस्य, प्रधान और जिला परिषद सदस्य पदों के आरक्षण की स्थिति सामने आने से अब संभावित उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी तैयारी तेज कर सकेंगे।आरक्षण के बाद अब संबंधित क्षेत्रों में उम्मीदवारों की दावेदारी और चुनावी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। पंचायत चुनाव में आरक्षित और सामान्य सीटों की स्थिति स्पष्ट होने से राजनीतिक दलों के सामने भी उम्मीदवार चयन को लेकर तस्वीर साफ होगी।