जयपुर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: यूडी टैक्स बकाया पर दो होटल ग्रुप सील, 2 घंटे में भुगतान के बाद संपत्तियां फिर से खोली गईं
जयपुर में नगर निगम ने बकाया यूडी (अर्बन डवलपमेंट) टैक्स जमा नहीं कराने पर सख्त कार्रवाई करते हुए शहर के दो बड़े होटल ग्रुप की संपत्तियों को सील कर दिया। यह कार्रवाई नगर निगम की कर वसूली टीम द्वारा की गई, जिससे होटल उद्योग में हलचल मच गई। हालांकि, करीब दो घंटे के भीतर ही होटल प्रबंधन ने बकाया राशि का भुगतान कर दिया, जिसके बाद निगम ने सील की गई संपत्तियों को खोलने की अनुमति दे दी।
सूत्रों के अनुसार, दोनों होटल ग्रुप लंबे समय से यूडी टैक्स का भुगतान नहीं कर रहे थे। नगर निगम की ओर से कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन तय समय सीमा के भीतर टैक्स जमा नहीं किया गया। इसके बाद नगर निगम ने नियमानुसार सख्त कदम उठाते हुए संबंधित संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई की।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई कर वसूली अभियान के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य शहर में बकाया करों की वसूली को सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी बड़े या छोटे प्रतिष्ठान को नियमों से छूट नहीं दी जाएगी और सभी को समय पर टैक्स भुगतान करना अनिवार्य है।
सीलिंग की कार्रवाई के दौरान निगम की टीम मौके पर पहुंची और विधिवत प्रक्रिया पूरी करते हुए होटल परिसरों को बंद किया गया। इस दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी मौजूद रहा ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही होटल प्रबंधन सक्रिय हुआ और तुरंत नगर निगम कार्यालय से संपर्क किया। इसके बाद दोनों होटल ग्रुप ने बकाया यूडी टैक्स की पूरी राशि जमा करवा दी। भुगतान की पुष्टि होने के बाद नगर निगम ने तत्काल प्रभाव से सील हटाने के आदेश जारी कर दिए और दोनों संपत्तियों को फिर से संचालन के लिए खोल दिया गया।
होटल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि यह मामला तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से उत्पन्न हुआ था, जिसे समय रहते सुलझा लिया गया है। वहीं, नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि किसी भी संपत्ति द्वारा कर भुगतान में लापरवाही बरती जाती है तो इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कर नियमों का पालन सभी के लिए आवश्यक है, लेकिन कार्रवाई से पहले संवाद और समय देने की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाना चाहिए।
इस पूरी घटना ने शहर के होटल और रियल एस्टेट सेक्टर में कर अनुपालन को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में बकाया कर वसूली अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि शहर की राजस्व व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
