जयपुर नगर निगम चुनाव: काउंटिंग से पहले भाजपा ने शुरू की पार्षद प्रत्याशियों की घेराबंदी, 22 सितंबर तक साथ रहने के निर्देश
जयपुर नगर निगम चुनाव की मतगणना से पहले भाजपा ने अपने पार्षद प्रत्याशियों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। चुनाव परिणाम आने से पहले किसी भी तरह की टूट-फूट या राजनीतिक हलचल को रोकने के लिए पार्टी ने सभी प्रत्याशियों को शनिवार दोपहर 12 बजे भाजपा मुख्यालय बुलाया है। यहां से सभी प्रत्याशियों को एक सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की तैयारी है।
भाजपा की ओर से अपने सभी पार्षद प्रत्याशियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 22 सितंबर तक रहने की तैयारी के साथ आएं। पार्टी ने प्रत्याशियों से जरूरी सामान साथ लाने को कहा है। माना जा रहा है कि मतगणना और उसके बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए पार्टी अपने उम्मीदवारों को एक साथ रखकर रणनीति बनाए रखना चाहती है।
काउंटिंग से पहले सक्रिय हुई भाजपा
नगर निकाय चुनाव में पार्षदों की भूमिका बेहद अहम होती है, क्योंकि बोर्ड गठन और मेयर चुनाव में पार्षदों के समर्थन की जरूरत होती है। ऐसे में भाजपा किसी भी तरह की संभावित सेंधमारी से बचने के लिए पहले से तैयारी कर रही है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रत्याशियों को एक जगह रखने का फैसला संगठन स्तर पर लिया गया है। यहां उन्हें चुनाव परिणामों के बाद की रणनीति, बोर्ड गठन और आगे की प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
बहुमत के लिए जोड़-तोड़ की संभावना
जयपुर नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद बहुमत का आंकड़ा और दलों की स्थिति साफ होगी। अगर किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो निर्दलीय और छोटे दलों के पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे में भाजपा अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखकर किसी भी संभावित राजनीतिक समीकरण से निपटने की तैयारी कर रही है।
राजस्थान में नगर निकाय चुनावों के दौरान अक्सर परिणामों के बाद पार्षदों की बाड़ेबंदी देखने को मिलती रही है। पार्टियां अपने पार्षदों को एक साथ रखकर विरोधी दलों की रणनीति पर नजर रखती हैं।
22 सितंबर तक साथ रहने की तैयारी
भाजपा ने प्रत्याशियों को 22 सितंबर तक का सामान लेकर आने के निर्देश दिए हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी परिणाम आने तक और उसके बाद बोर्ड गठन की प्रक्रिया पूरी होने तक अपने उम्मीदवारों को एकजुट रखने की योजना बना रही है।
अब सभी की नजरें मतगणना पर टिकी हैं। चुनाव परिणाम के बाद जयपुर नगर निगम की सत्ता किसके हाथ में जाएगी, यह साफ होगा, लेकिन उससे पहले भाजपा ने अपने पार्षद प्रत्याशियों की निगरानी और संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं।
