जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल से शहर की अर्थव्यवस्था को 100 करोड़ रुपए का अनुमानित लाभ
राजधानी जयपुर में आयोजित होने वाले जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल से शहर की अर्थव्यवस्था को अनुमानित तौर पर 100 करोड़ रुपए से अधिक का लाभ मिलने की संभावना है। यह जानकारी आयोजक संस्था टीमवर्क आर्ट्स ने साझा की है।
टीमवर्क आर्ट्स के अनुसार, लिटरेचर फेस्टिवल न केवल साहित्य और कला का मंच है, बल्कि यह शहर के पर्यटन, होटल, व्यापार और परिवहन क्षेत्रों को भी बढ़ावा देता है। फेस्टिवल के दौरान बड़ी संख्या में देश-विदेश से आए लेखक, कवि, साहित्यकार, कलाकार और पर्यटक शहर में ठहरते हैं, जिससे होटल बुकिंग, स्थानीय व्यापार और परिवहन सेवाओं में तेजी आती है।
आयोजकों ने बताया कि पिछले साल के अनुभवों के आधार पर ही इस साल का आर्थिक लाभ अनुमानित किया गया है। फेस्टिवल के दौरान शहर में आने वाले सैलानियों और प्रतिभागियों की संख्या बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, टैक्सी, ऑटो और स्थानीय शॉपिंग में लाभ का अनुमान लगाया गया है।
टीमवर्क आर्ट्स के प्रोजेक्ट हेड ने कहा, "जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल शहर की आर्थिक गतिविधियों को काफी हद तक बढ़ावा देता है। इस साल भी हम उम्मीद कर रहे हैं कि 100 करोड़ रुपए से अधिक का लाभ शहर को मिलेगा। यह आंकड़ा सिर्फ पर्यटन और होटल तक सीमित नहीं है, बल्कि फेस्टिवल से स्थानीय व्यवसाय और सेवा क्षेत्र भी प्रभावित होंगे।"
विशेषज्ञों का कहना है कि लिटरेचर फेस्टिवल जैसी सांस्कृतिक गतिविधियां स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित होती हैं। इनके जरिए न केवल रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, बल्कि शहर का वैश्विक स्तर पर पर्यटन और व्यापार में महत्व भी बढ़ता है।
जयपुर के होटल व्यवसायियों का कहना है कि फेस्टिवल के दौरान होटल बुकिंग की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में तीन से चार गुना बढ़ जाती है। इससे न केवल होटल उद्योग बल्कि कैटरिंग, परिवहन और अन्य सहायक सेवाओं को भी फायदा होता है।
फेस्टिवल में आए प्रतिभागियों और पर्यटकों के खर्च से स्थानीय बाजार को भी लाभ मिलता है। किताबों की बिक्री, हस्तशिल्प, स्थानीय कला और अन्य व्यवसायिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना रहती है। आयोजक इस लाभ को बढ़ाने के लिए सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आवागमन सुविधाओं का विशेष ध्यान रखते हैं।
राजस्थान सरकार और शहर के व्यापारिक संगठन भी इस फेस्टिवल को आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हैं। उनका मानना है कि ऐसे फेस्टिवल से जयपुर का वैश्विक पहचान और ब्रांड वैल्यू बढ़ता है।
इस प्रकार, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल केवल साहित्य और कला का उत्सव नहीं है, बल्कि शहर के पर्यटन और व्यवसायिक गतिविधियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाला कार्यक्रम भी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में इस फेस्टिवल से शहर की अर्थव्यवस्था को मिलने वाला लाभ और भी बढ़ेगा।
