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जयपुर: फर्जी कॉल सेंटर मामले में एफबीआई का समर्थन, अमेरिकी नागरिक की ठगी पर वीडियो कॉन्फ्रेंस से गवाही का ऐलान

जयपुर: फर्जी कॉल सेंटर मामले में एफबीआई का समर्थन, अमेरिकी नागरिक की ठगी पर वीडियो कॉन्फ्रेंस से गवाही का ऐलान
 
जयपुर: फर्जी कॉल सेंटर मामले में एफबीआई का समर्थन, अमेरिकी नागरिक की ठगी पर वीडियो कॉन्फ्रेंस से गवाही का ऐलान

जयपुर पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटरों के खिलाफ की गई कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला है। अमेरिका स्थित एजेंसी एफबीआई ने जयपुर पुलिस की जांच में सहयोग देने का आश्वासन दिया है। यह मामला अमेरिकी नागरिक विलियम्स के साथ हुई डिजिटल ठगी से जुड़ा है।

पुलिस के अनुसार, जयपुर और आसपास के इलाकों में कई फर्जी कॉल सेंटर संचालित हो रहे थे, जिनसे विदेशी नागरिकों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा था। अमेरिकी नागरिक विलियम्स के साथ हुई ठगी के मामले में जयपुर पुलिस ने जांच शुरू की थी। आरोप है कि कॉल सेंटरों के जरिए डिजिटल तरीके से पैसा ठगी के रूप में हड़प लिया गया।

एफबीआई ने इस मामले में कोर्ट को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से गवाही देने की सहमति जताई है। जयपुर पुलिस ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग जांच को गति देगा और दोषियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाने में मदद करेगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस कदम से यह स्पष्ट संदेश गया है कि डिजिटल अपराध और अंतरराष्ट्रीय ठगी में अपराधियों को बचने का मौका नहीं मिलेगा।

जयपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पिछले महीने ही कई कॉल सेंटरों पर छापेमारी की थी। छापेमारी में कई कंप्यूटर, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए थे, जिनका इस्तेमाल विदेशी नागरिकों को ठगने में किया जाता था। पुलिस ने कई कर्मचारियों और संचालकों को गिरफ्तार किया है, और अब एफबीआई के सहयोग से मामले की जांच और मजबूत हो जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल ठगी और फर्जी कॉल सेंटरों का नेटवर्क अक्सर अंतरराष्ट्रीय होता है। ऐसे मामलों में विदेशी एजेंसियों का सहयोग जरूरी है। जयपुर पुलिस की यह पहल और एफबीआई का समर्थन यह साबित करता है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से साइबर अपराध पर अंकुश लगाया जा सकता है।

विलियम्स मामले की अदालत में सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी गवाही देंगे। यह तकनीकी सहयोग जमानत नहीं बल्कि केस को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। पुलिस ने बताया कि दोषियों को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा और ठगी के शिकारों को न्याय मिलेगा।

स्थानीय नागरिक और विशेषज्ञ इस कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि डिजिटल ठगी के मामलों में न केवल स्थानीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जयपुर पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी और अंतरराष्ट्रीय संसाधनों का सही उपयोग किया है।

एफबीआई का यह समर्थन जयपुर पुलिस और भारत में साइबर अपराध निवारण की क्षमता को भी दर्शाता है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार के डिजिटल अपराध और फर्जी कॉल सेंटरों के खिलाफ और कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

इस मामले ने यह भी स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधियों को अंतरराष्ट्रीय सीमा का फायदा नहीं लेने दिया जाएगा। जयपुर पुलिस और एफबीआई के सहयोग से डिजिटल ठगी की घटनाओं पर कड़ा नियंत्रण संभव है, और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाना आसान होगा।