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Jaipur विक्रेताओं ने कहा, वेंडिंग जोन बनाएं, सुविधाएं दें सिर्फ कार्रवाई न दिखाएं

 
Jaipur विक्रेताओं ने कहा, वेंडिंग जोन बनाएं, सुविधाएं दें सिर्फ कार्रवाई न दिखाएं
जयपुर न्यूज़ डेस्क, जयपुर राजधानी में 80 हजार से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स हैं। इनमें से ज्यादातर को कार्रवाई का डर लगा रहता है। कार्रवाई के नाम पर निगम का दस्ता आता है और ठेलों का उठाकर ले जाता है। जबकि, यह शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और खान-पान के ढेरों विकल्प भी मिल जाते हैं। इसके बावजूद राजधानी की दोनों शहरी सरकारें इनको व्यवस्थित करने की बजाय उजाड़ने में लगी हैं। दोनों नगर निगम ने इन वेंडर्स पर सिर्फ कार्रवाई की। इनके लिए वेंडिंग जोन बनाकर छोड़ दिए। जब तक वहां सुविधाएं नहीं होंगी, तब तक वेंडर्स वहां व्यापार कैसे करें? नियमित रूप से टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक न होने से वेंडर्स की समस्याओं को न तो सुना जा रहा है और न ही समाधान हो पा रहा है।

वेंडर्स का ये दर्द

● न्यायालय के आदेश और राज्य सरकार के निर्देशों की पालना नहीं की जा रही। वेंडर्स के जोन व्यवस्थित किए जाएं, ताकि आसानी से व्यवसाय कर सकें।

● ग्रेटर व हैरिटेज निगम और जेडीए वीआइपी आवागमन के नाम पर ठेलों को उठा ले जाते हैं। इस कार्रवाई को रोका जाए।

● वेंडर्स का सर्वे निगम कर रहा है, जो सरासर गलत है। टाउन वेंडिंग कमेटी के सदस्यों को साथ लेकर सर्वे को पूरा कराया जाए।

● टाउन वेंडिंग कमेटी की मीटिंग नियमित रूप से हो ताकि वेंडर्स की समस्या का समाधान समय पर हो।

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