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जयपुर निकाय चुनाव: कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों की भरमार, पार्टियों के असंतुष्ट बढ़ा रहे चुनौती

जयपुर निकाय चुनाव: कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों की भरमार, पार्टियों के असंतुष्ट बढ़ा रहे चुनौती
 
जयपुर निकाय चुनाव: कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों की भरमार, पार्टियों के असंतुष्ट बढ़ा रहे चुनौती

नगर निकाय चुनाव में इस बार जयपुर के कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों की बड़ी संख्या ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। कई वार्डों में उम्मीदवारों के सामने विपक्षी दलों से ज्यादा चुनौती अपने ही खेमे से नाराज होकर मैदान में उतरे असंतुष्ट नेताओं से निपटने की है।

कहीं पांच तो कहीं सात और कुछ वार्डों में आठ से नौ निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। इससे प्रमुख राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रत्याशियों के लिए चुनावी गणित मुश्किल हो गया है।

टिकट नहीं मिलने से नाराज नेताओं ने भरा पर्चा

कई वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों के मैदान में उतरने की वजह पार्टियों में टिकट वितरण को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। टिकट की उम्मीद लगाए बैठे कई दावेदारों ने टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया।

इन बागी उम्मीदवारों के कारण अब प्रमुख दलों के वोट बैंक में सेंध लगने की आशंका बढ़ गई है।

अपने ही खेमे के नेताओं से चुनौती

चुनाव मैदान में उतरे निर्दलीय प्रत्याशी कई जगहों पर उसी पार्टी के समर्थक रहे हैं, जिससे अधिकृत उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में प्रत्याशियों को विपक्षी दलों के साथ-साथ अपने पुराने साथियों की चुनौती का भी सामना करना पड़ रहा है।

राजनीतिक दलों की कोशिश है कि नाराज नेताओं को मनाकर चुनावी नुकसान को कम किया जा सके।

बहुकोणीय मुकाबले के आसार

निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या बढ़ने से कई वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय हो गया है। इसका सीधा असर वोटों के बंटवारे पर पड़ सकता है।

अब चुनाव परिणाम बताएंगे कि निर्दलीय प्रत्याशी कितना प्रभाव छोड़ते हैं और क्या वे बड़े दलों के समीकरण बिगाड़ने में सफल होते हैं।