रिटायरमेंट से पहले शिक्षिका पर वेतन रिकवरी पर हाईकोर्ट की रोक, जयपुर बेंच ने सरकार से मांगा जवाब
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने सेवानिवृत्ति से ठीक पहले एक शिक्षिका के खिलाफ जारी की गई वेतन रिकवरी की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाई और राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया है।यह आदेश जस्टिस आनंद शर्मा की एकल पीठ ने शिक्षिका दलजीत कौर की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया।
रिटायरमेंट से पहले जारी हुआ था रिकवरी आदेश
याचिकाकर्ता शिक्षिका दलजीत कौर ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा कि उनकी सेवानिवृत्ति से ठीक पहले विभाग की ओर से वेतन रिकवरी का आदेश जारी किया गया। उनका तर्क था कि लंबे समय तक वेतन का भुगतान विभागीय प्रक्रिया के तहत हुआ और उसमें उनकी कोई गलती या तथ्य छिपाने का मामला नहीं था।याचिका में रिकवरी आदेश को नियमों और न्यायसंगत प्रक्रिया के विपरीत बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की गई।हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक
मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस आनंद शर्मा की अदालत ने वेतन रिकवरी की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाने के आदेश दिए। साथ ही राज्य सरकार और संबंधित विभाग को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।अदालत अब मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की सुनवाई करेगी।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मामलों में महत्वपूर्ण आदेश
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन से जुड़ी रिकवरी के मामलों में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी कर चुके हैं। विशेष परिस्थितियों में, खासकर जब कर्मचारी की ओर से कोई धोखाधड़ी या गलत जानकारी देने का मामला न हो, तब सेवानिवृत्ति के समय रिकवरी को लेकर न्यायालयों ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है।हालांकि, प्रत्येक मामले का फैसला उसके तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर किया जाता है।
अगली सुनवाई में होगा अंतिम निर्णय
फिलहाल हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से शिक्षिका दलजीत कौर को राहत मिली है। अब राज्य सरकार और संबंधित विभाग की ओर से जवाब दाखिल किए जाने के बाद अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी और उसी के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
