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जयपुर अनु मीणा सुसाइड केस में बड़ा खुलासा, पति को नौकरानी संग पकड़ने के बाद बढ़ी प्रताड़ना का आरोप

जयपुर अनु मीणा सुसाइड केस में बड़ा खुलासा, पति को नौकरानी संग पकड़ने के बाद बढ़ी प्रताड़ना का आरोप
 
जयपुर अनु मीणा सुसाइड केस में बड़ा खुलासा, पति को नौकरानी संग पकड़ने के बाद बढ़ी प्रताड़ना का आरोप

राजधानी Jaipur में सामने आए अनु मीणा सुसाइड केस में अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। मृतका के परिजनों ने Gautam Meena पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका के भाई का कहना है कि अक्टूबर 2025 में अनु ने अपने पति को घर की नौकरानी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों पकड़ लिया था। इस घटना के बाद से आरोपी पति की प्रताड़ना और मारपीट और अधिक बढ़ गई थी।

परिजनों के मुताबिक अनु लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थी। परिवार का आरोप है कि पति आए दिन उसके साथ मारपीट करता था और उसे मानसिक रूप से परेशान करता था। अनु ने कई बार परिवार को अपनी परेशानी के बारे में बताया था, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते गए। आखिरकार प्रताड़ना से तंग आकर उसने आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा लिया।

मामले में नया मोड़ तब आया जब घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सामने आई। बताया जा रहा है कि इन फुटेज में अनु के साथ मारपीट की घटनाएं कैद हुई हैं। पुलिस ने इन वीडियो फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में फुटेज को अहम सबूत माना जा रहा है, जो मामले की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद भी पुलिस की कार्रवाई काफी धीमी रही। हालांकि अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूत सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में घरेलू हिंसा, आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। मृतका के मोबाइल फोन, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और परिवार के बयानों को केस का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से डिजिटल सबूतों की भी जांच करवाई जा रही है।

घटना के बाद इलाके में भी काफी आक्रोश देखा जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के मामलों में समय पर कार्रवाई को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक संगठनों का कहना है कि घरेलू प्रताड़ना की शिकायतों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक दौर में सीसीटीवी और डिजिटल सबूत जांच एजेंसियों के लिए बेहद अहम साबित हो रहे हैं। कई मामलों में वीडियो फुटेज और मोबाइल डेटा सच्चाई सामने लाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। अनु मीणा सुसाइड केस में भी यही सबूत अब जांच की दिशा तय कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। परिजन आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं। वहीं यह मामला घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े गंभीर मुद्दों को एक बार फिर सामने ले आया है।