जयपुर एयरपोर्ट ने बनाया नया कीर्तिमान, फुटेज में जानें फ्लाइट डाइवर्जन में तोड़ा अपना ही पुराना रिकॉर्ड
जयपुर एयरपोर्ट ने एक बार फिर अपनी बढ़ती अहमियत को साबित करते हुए फ्लाइट डाइवर्जन के मामले में नया रिकॉर्ड कायम किया है। आधुनिक तकनीक, बेहतर रनवे सुविधाओं और उन्नत लैंडिंग सिस्टम की बदौलत जयपुर एयरपोर्ट देश के प्रमुख वैकल्पिक एयरपोर्ट्स में शुमार हो गया है। खासतौर पर खराब मौसम और कम दृश्यता (लो विजिबिलिटी) के दौरान अब देशभर के एयरपोर्ट्स जयपुर पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो जयपुर एयरपोर्ट की यह उपलब्धि और भी चौंकाने वाली नजर आती है। पिछले साल दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच तीन महीनों में कुल 80 फ्लाइट्स को जयपुर एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया था। वहीं, इस साल सिर्फ दिसंबर महीने में ही 79 फ्लाइट्स जयपुर एयरपोर्ट पर डायवर्ट की गईं। यानी एक महीने में ही एयरपोर्ट ने अपने पिछले तीन महीनों के रिकॉर्ड के करीब पहुंचकर नया कीर्तिमान बना लिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान घना कोहरा और खराब मौसम आम समस्या है। दिल्ली, अमृतसर, चंडीगढ़ और लखनऊ जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर जब दृश्यता बेहद कम हो जाती है, तब फ्लाइट संचालन प्रभावित होता है। ऐसे समय में जयपुर एयरपोर्ट एक सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरकर सामने आया है। यहां अत्याधुनिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS), बेहतर रनवे लाइटिंग और अनुभवी एयर ट्रैफिक कंट्रोल की व्यवस्था फ्लाइट्स को सुरक्षित लैंडिंग में मदद करती है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जयपुर एयरपोर्ट को पिछले कुछ वर्षों में तकनीकी रूप से लगातार अपग्रेड किया गया है। रनवे की गुणवत्ता, नेविगेशन सिस्टम और मौसम निगरानी उपकरणों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया गया है। यही कारण है कि पायलट और एयरलाइंस खराब मौसम के दौरान जयपुर को प्राथमिकता दे रहे हैं।
फ्लाइट डाइवर्जन की बढ़ती संख्या से जयपुर एयरपोर्ट की राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका और मजबूत हुई है। यह रिकॉर्ड सिर्फ राजस्थान के लिए ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों के एयरपोर्ट नेटवर्क में जयपुर की बढ़ती रणनीतिक अहमियत को भी दर्शाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में जयपुर एयरपोर्ट को नॉर्थ इंडिया के सबसे भरोसेमंद बैकअप एयरपोर्ट्स में गिना जाएगा।
हालांकि, फ्लाइट डाइवर्जन बढ़ने से यात्रियों को कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह कदम बेहद जरूरी होता है। एयरपोर्ट प्रशासन का दावा है कि डायवर्ट की गई फ्लाइट्स के यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने और संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाते हैं।
