महावीर जन्म कल्याणक पर जैनाचार्य जिन मनोज्ञसूरीश्वर के विचार, बताया जीवन का मार्ग
भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जैनाचार्य जिन मनोज्ञसूरीश्वर महाराज ने उनके जीवन, उपदेशों और वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता पर विस्तार से विचार रखे।
🙏 अहिंसा और सत्य का संदेश
जैनाचार्य ने कहा कि महावीर स्वामी का जीवन अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और आत्मसंयम का प्रतीक है। उनके सिद्धांत आज भी समाज को शांति और संतुलन का मार्ग दिखाते हैं।
🌍 वर्तमान समय में बढ़ी प्रासंगिकता
उन्होंने बताया कि आज के भौतिकवादी युग में महावीर स्वामी के उपदेश और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। बढ़ती हिंसा, तनाव और लालच के बीच उनके विचार मानवता को सही दिशा देने में सहायक हैं।
🧘 आत्मचिंतन और संयम पर जोर
जैनाचार्य ने लोगों से आत्मचिंतन करने और जीवन में संयम अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति अपने अंदर बदलाव लाए, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
🕊️ समाज में शांति का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने आपसी भाईचारे, करुणा और सहिष्णुता को बढ़ावा देने की बात कही। उनके अनुसार, महावीर स्वामी के सिद्धांतों को अपनाकर समाज में शांति और सौहार्द स्थापित किया जा सकता है।
📌 महोत्सव में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और भगवान महावीर के उपदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
