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एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी जगदीश विश्नोई को हाईकोर्ट से जमानत, फुटेज में देखें क्या बोले जज?

एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी जगदीश विश्नोई को हाईकोर्ट से जमानत, फुटेज में देखें क्या बोले जज?
 
एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी जगदीश विश्नोई को हाईकोर्ट से जमानत, फुटेज में देखें क्या बोले जज?

सब इंस्पेक्टर भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले के मुख्य आरोपी जगदीश विश्नोई को जमानत दे दी है। जस्टिस चंद्रप्रकाश श्रीमाली की एकल पीठ ने आरोपी को राहत देते हुए जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए हैं। कोर्ट के इस फैसले के बाद लंबे समय से जेल में बंद जगदीश विश्नोई के बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एसआई भर्ती परीक्षा पेपर लीक से जुड़े जिस स्पेशल एक्ट के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उसमें अधिकतम तीन साल की सजा का ही प्रावधान है। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी लगभग दो साल से न्यायिक हिरासत में है, जबकि अब तक मामले में आरोप तक तय नहीं किए जा सके हैं। ऐसे में आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना उचित नहीं माना जा सकता।

कोर्ट ने अपने फैसले में ट्रायल की धीमी प्रक्रिया को भी अहम आधार बनाया। अदालत ने कहा कि इस मामले में आरोपियों की संख्या काफी अधिक है और गवाहों की संख्या भी बड़ी है। ऐसे में ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लगने की संभावना है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब तक दोष सिद्ध नहीं हो जाता, तब तक आरोपी को केवल लंबे ट्रायल के आधार पर जेल में बंद रखना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने आरोपी को जमानत देने का निर्णय लिया।

गौरतलब है कि जगदीश विश्नोई पहले भी एक अन्य बड़े पेपर लीक मामले में आरोपी रह चुका है। करीब 10 महीने पहले उसे जेईएन भर्ती-2020 पेपर लीक मामले में भी हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी। हालांकि, एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार होने के कारण वह जेल से बाहर नहीं आ सका था। अब एसआई भर्ती मामले में भी जमानत मिलने के बाद उसकी रिहाई संभव हो पाएगी।

एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामला राजस्थान के सबसे चर्चित भर्ती घोटालों में से एक रहा है। इस मामले के सामने आने के बाद राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। जांच एजेंसियों ने इसे संगठित गिरोह का मामला बताया था, जिसमें परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक कर अभ्यर्थियों को मोटी रकम लेकर उपलब्ध कराए गए थे। जगदीश विश्नोई को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य कर्ताधर्ता बताया गया था।

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद जहां आरोपी पक्ष ने राहत की सांस ली है, वहीं पीड़ित अभ्यर्थियों और आम जनता में इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग ट्रायल में हो रही देरी और भर्ती परीक्षाओं में बार-बार हो रहे घोटालों पर सवाल उठा रहे हैं।

फिलहाल, हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जगदीश विश्नोई की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हालांकि, मामले की जांच और ट्रायल आगे भी जारी रहेगा और दोष सिद्ध होने पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।