जयपुर में पानी का कनेक्शन लेना हुआ मुश्किल! 8505 रुपए जमा कराने के बाद भी नल लगने की गारंटी नहीं
राजधानी जयपुर में जलदाय विभाग की नई व्यवस्था के तहत घर में पानी का कनेक्शन लेना उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं से 8505 रुपए तक जमा कराए जा रहे हैं, लेकिन राशि जमा कराने के बाद भी घर में नल कब लगेगा, इसकी कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई जा रही है। ऐसे में लोग आवेदन करने और डिमांड राशि जमा कराने के बाद कनेक्शन के इंतजार में जलदाय विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
पहले जमा कराओ राशि, फिर शुरू होता है इंतजार
नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता को सबसे पहले पानी के कनेक्शन के लिए आवेदन करना होता है। इसके बाद विभाग की ओर से निर्धारित डिमांड राशि जमा करानी पड़ती है। उपभोक्ता 8505 रुपए तक जमा करा देता है, लेकिन इसके बाद कनेक्शन कब जारी होगा और घर तक पानी की सप्लाई कब शुरू होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती।
लोगों की परेशानी यह है कि विभाग में आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद उन्हें कनेक्शन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं को यह पता लगाने के लिए बार-बार जलदाय कार्यालय जाना पड़ता है कि उनका कनेक्शन कब तक लग पाएगा।
समयसीमा तय नहीं होने से उपभोक्ता परेशान
पानी का कनेक्शन किसी भी परिवार की बुनियादी जरूरत है। ऐसे में आवेदन और भुगतान के बाद भी कनेक्शन मिलने की निश्चित तारीख नहीं होना लोगों के लिए परेशानी बढ़ा रहा है। उपभोक्ता चाहते हैं कि विभाग राशि जमा कराने के साथ ही कनेक्शन जारी करने की समयसीमा भी स्पष्ट करे।
सवाल यह भी है कि जब उपभोक्ता निर्धारित शुल्क जमा कर देता है, तो उसे कनेक्शन के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर क्यों लगाने पड़ें। आवेदन की स्थिति और कनेक्शन लगाने की संभावित तारीख की जानकारी भी उपभोक्ताओं को आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए।
विभाग की जवाबदेही पर उठ रहे सवाल
इस व्यवस्था को लेकर जलदाय विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। उपभोक्ताओं के लिए आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया तो तय है, लेकिन कनेक्शन लगाने की समयसीमा को लेकर स्पष्टता नहीं होने से असमंजस बना हुआ है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कनेक्शन जारी करने में देरी के पीछे क्या कारण हैं और विभाग ने इसके लिए कोई समयसीमा निर्धारित की है या नहीं। उपभोक्ताओं की मांग है कि भुगतान के बाद कनेक्शन लगाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो और उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
